G-20 meeting में यूक्रेन युद्ध को लेकर विदेश मंत्रियों की तल्ख बयानबाजी

इंटरनेशनलG-20 meeting में यूक्रेन युद्ध को लेकर विदेश मंत्रियों की तल्ख बयानबाजी

Date:

नई दिल्ली। नई दिल्ली में G-20 के विदेश मंत्रियों की बैठक में यूक्रेन युद्ध को लेकर तल्ख़ बयानबाज़ी चल रही है। इसी वजह से मेज़बान भारत ने कहा कि सदस्य देशों के बीच मतभेदों के कारण कोई साझा बयान जारी नहीं होगा। अमेरिका विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि बैठक ‘रूस के बिना उकसावे वाले अतार्किक युद्ध’ के कारण बाधित हुई। वहीं, रूस विदेश मंत्री ने पश्चिमी देशों पर ‘ब्लैकमेल करने और धमकियाँ देने’ का आरोप लगाया।

विकासशील देशों के मुददों पर चर्चा चाहता था भारत

जी-20 के विदेश मंत्रियों की बातचीत के दौरान भारत ये चाहता था कि चर्चा उन मुद्दों पर हो, जो विकासशील देशों को प्रभावित कर रही हैं।
जी-20 बैठकों से भारत की उम्मीदों पर यूक्रेन युद्ध का साया साफ दिखाई दिया। जापान के विदेश मंत्री जी-20 की बैठक में भारत नहीं आए। वहीं रूस और चीन के रुख़ से जी-20 की बैठक में भारत की टेंशन बढ़ी है।

साउथ चाइना सी यानी दक्षिण चीन सागर और यूक्रेन युद्ध पर क्वाड सदस्य देश एक मत नहीं हो सके। बैठक में भारत ने कहा कि यूक्रेन को लेकर मतभेद ‘ख़त्म नहीं किए जा सके हैं। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, “हमने कोशिश की, लेकिन देशों के बीच फ़ासले बहुत अधिक थे।”

दुनिया के सबसे अमीर 19 देश शामिल जी—20 में

जी-20 में दुनिया के सबसे अमीर 19 देश और यूरोपीय संघ शामिल हैं। इस संगठन के सदस्य मिलकर दुनिया के 85 फ़ीसदी आर्थिक उत्पाद बनाते हैं। जबकि इनकी आबादी दो तिहाई है। इस समूह के विदेश मंत्री, जिनमें रूस के सर्गेई लावरोफ़, अमेरिका विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और चीन के विदेश मंत्री किन गांग, भारत की अध्यक्षता में दिल्ली में मिले थे।

एक साल पहले यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिका और रूस के विदेश मंत्रियों की ये पहली आमने-सामने की मुलाक़ात थी। एंटनी ब्लिंकन और लावरोफ़ क़रीब 10 मिनट अलग से भी मिले थे। अमेरिका के विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एंटनी ब्लिंकन ने रूस के विदेश मंत्री से कहा कि ‘जब तक ज़रूरी होगा, तब तक पश्चिमी देश यूक्रेन के साथ खड़े रहेंगे।’

रूस ने पश्चिम देशों पर लगाए आरोप

एंटनी ब्लिंकन ने लावरोफ़ पर इस बात का दबाव बनाया कि रूस, हथियार नियंत्रण के न्यू स्टार्ट परमाणु समझौते में दोबारा शामिल हो और इसकी शर्तें का पालन करे। अभी हाल ही में, रूस ने ख़ुद को इस समझौते से अलग करने का एलान किया था। रूस के अधिकारियों ने इस बात से इनकार किया कि रूस और अमरीका के विदेश मंत्रियों की कोई मुलाक़ात हुई थी। इससे पहले रूस ने पश्चिमी देशों पर इस बात का आरोप लगाया कि उन्होंने उस समझौते को खत्म कर दिया। जिसमें यूक्रेन से कुछ अनाज निर्यात करने की इजाज़त दी गई थी।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related