इंदौर में भारत की 9 विकेट से हार के बाद एकबार पिच को लेकर कोच द्रविड़ और कप्तान रोहित शर्मा निशाने पर आ गए है. आज सवा दो दिन में मैच ख़त्म होने के बाद रोहित शर्मा से जब पिच को लेकर सवाल पूछा गया तो वो लगभग भड़क गए. रोहित ने कहा कि आगे भी ऐसा ही जारी रहेगा। रोहित ने कहा कि पिच को लेकर लोग क्या कहते फर्क नहीं पड़ता। रोहित की बात से यह साफ़ हो गया कि अहमदाबाद में भी ऐसी ही पिच मिलेगी।
ज़रुरत से ज़्यादा होती है पिच पर बात
रोहित शर्मा ने पत्रकारों के सवालों पर कहा कि भारत में जब भी मैच होते हैं लोग सिर्फ पिचों को लेकर कुछ ज़्यादा ही बात करते हैं. स्पिन ट्रैक भारतीय टीम की ताकत हैं और टीम उसी के हिसाब से खेलना जारी रखेगी. हमें ऐसी पिचों पर लगातार जीत मिल रही है, अगर ऐसा न हो रहा होता तो इस बारे में सोचा जाता। इस तरह की पिचों पर खेलना हमारा फैसला है, हर श्रंखला से पहले हम तय करते हैं कि किस तरह की पिचों पर खेलना है. बल्लेबाज़ों की नाकामी पर उन्होंने कहा कि ऐसी पिचें बनाने का मतलब यह नहीं कि हम अपने बल्लेबाज़ों पर दबाव बना रहे हैं. जब हमें इन पिचों पर जीत मिलती है तब कोई हमसे बल्लेबाज़ों के बारे में सवाल नहीं करता है.
जीत पर क्यों नहीं उठते पिच पर सवाल
रोहित ने कहा कि उन्हें मालूम है कि इस तरह की पिचों पर उन्हें भी परेशानी हो सकती है, हम इसके लिए तैयार हैं, रोहित ने कहा कि यह सवाल तभी क्यों उठते हैं जब टीम हारती है. रोहित ने कहा कि घरेलु श्रृंखलाओं में हर टीम पिचों का फायदा उठाती। जब हम फायदा उठा रहे हैं तो इसमें परेशानी क्या है. रोहित की सारी बातें अपनी जगह सही हैं लेकिन क्या वो यह बताएँगे कि सिर्फ तीन दिन में नतीजे आना टेस्ट क्रिकेट के भविष्य के लिए क्या सही है. सवाल पर भड़कने के बजाय अगर इस बात को समझते कि दो ढाई दिन में मैच आप ज़रूर जीत सकते हैं लेकिन इसमें क्रिकेट की हार होती है.

