इस्लाम और मुसलमानों को लेकर राजस्थान में दिए गए बाबा रामदेव के विवादित बयान पर पलटवार करते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने पलटवार करते हुए बाबा रामदेव की कुरआन पढ़ने की सलाह दी है. सपा सांसद ने इसके साथ ही उनपर भाजपा को चुनावी फायदा पहुँचाने का आरोप भी लगाया। बर्क ने कहा कि दरअसल बाबा रामदेव को इस्लाम के बारे में कोई जानकारी नहीं है.
इस्लाम के बारे में क्या कहा था रामदेव ने
बता दें कि बाबा रामदेव ने राजस्थान में एक मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर कहा था कि इस्लाम का नमाज़ पढ़ना और फिर कुछ भी करने की बात कही थी जिसमें उन्होंने यह भी कहा था नमाज़ पढ़ना और हिन्दू लड़कियों को उठाना और पाप करना भी कहा था. रामदेव ने यह भी कहा कि सभी आतंकी नमाज़ पढ़ते हैं. रामदेव के इस बयान पर बवाल मच गया है. मुस्लिम धर्मगुरुओं ने रामदेव के बयान की सख्त आलोचना की है. वहीं ईसाई धर्म पर भी बाबा रामदेव ने कहा था कि चर्च में जाकर ईसा मसीह के सामने मोमबत्ती जलाओ और सारे पाप धुल जाएंगे।
राहुल से भाजपा को पैदा हो गया है खतरा
रामदेव के इस बयान पर सपा सांसद शफीकुर्रहमान ने कहा कि राजस्थान में चुनाव होने वाले इसलिए रामदेव वहां बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए गए हैं. उन्हें इस्लाम बारे में जानने के लिए कुरआन को ठीक से पढ़ना चाहिए. बर्क ने कहा कि दरअसल भाजपा को भारत जोड़ो यात्रा की सफलता और राहुल गांधी से अब खतरा महसूस होने लगा है इसलिए उसने भाजपा को भटकाने के लिए लगाया है. सपा सांसद ने कहा कि मजहब और राजनीति अलग है मजहब के रास्ते में सियासत को लाना ठीक नहीं है.
इस्लाम को बुरा कहने का फैशन
रामदेव के बयान पर एक मुस्लिम स्कॉलर मौलाना सूफियान निजामी ने कहा कि हमारे मुल्क में एक फैशन चला है, धर्म संसद के नाम पर अधर्म की बातें फैलाने और वहां पर मुसलमानों और इस्लाम को बुरा कहने का फैशन चल रहा है. उन्होंने कहा कि आप अपने मजहब की अच्छी बातों को लोगों तक पहुंचाने का काम करें, दूसरे मजहब पर इस तरह की टिप्पणी करना किसी भी सूरत में यह मुनासिब नहीं है. निज़ामी ने कहा कि बाबा रामदेव को खुद तय करना है वह धर्मगुरु हैं, व्यापारी हैं या एक राजनेता क्योंकि उनकी भाषा संत समाज की तो नहीं हो सकती.

