अमित बिश्नोई
टीम इंडिया के विकेटकीपर बल्लेबाज़ रिषभ पंत के साथ हुआ हादसा एक पहेली बनता जा रहा है, उनके साथ सड़क हादसा किस तरह हुआ, किस वजह से हुआ इसके बारे में कई तरह की बातें सामने आ रही हैं. हादसे की वजह क्या है इसके बारे में पंत का बयान कुछ है, पुलिस का बयान कुछ और है, उस ड्राइवर का बयान कुछ और है जिसने पंत की जान बचाई और अब DDCA और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी का बयान कुछ और है. इतने विरोधाभासी बयानों के बाद सच्चाई क्या है यह किसी को पता नहीं या फिर पंत को पता है जो वो बताना नहीं चाह रहे हैं. इन सारे बयानों में CCTV की वो क्लिप और पंत के लिए फरिश्ता बने उस बस ड्राइवर का बयान मेल खाता है और साफ़ इशारा करता है कि हादसे के समय पंत की कार लगभग 150 किलोमीटर या फिर उससे ज़्यादा की गति से जा रही थी. अब सवाल यह है कि पुलिस ओवर स्पीडिंग की बात से इंकार क्यों कर रही है, या फिर सड़क पर गड्ढों की थ्योरी क्यों बताई जा रही है.
इस मामले में बस ड्राइवर का साफ़ बयान है, कि उसने साफ़ तौर पर देखा था कि पंत की कार हिल रही थी और उसे आभास हो गया था कि कार का एक्सीडेंट होने वाला है, चूँकि वो सामने से आ रहा था इसलिए खतरे का एहसास हुआ कि कहीं यह कार डिवाइडर पार कर उसकी बस से न टकरा जाय, इसलिए बचने के लिए उसने बस को एक साइड कर लिया। ड्राइवर के बयान से साफ़ लग रहा था कि कार बहुत स्पीड में थी और ड्राइवर की बात का समर्थन CCTV से भी होता है. लेकिन DGP के बयान के मुताबिक यह ओवर स्पीडिंग का नहीं स्लीपिंग का मामला लग रहा है. कुछ लोगों का यह भी कहना है कि पंत ने शराब पी रखी थी, पुलिस ने इससे भी इंकार किया। पुलिस का कहना है कि पंत अगर शराब पीकर गाड़ी चला रहे होते तो वो शीशा तोड़कर बाहर निकलने के लिए संघर्ष न कर रहे होते। वहीँ उस ड्राइवर के बयान के मुताबिक उसने तो पंत को मरा हुआ समझकर कार से घसीटकर बाहर निकाला जिसकी वजह से पंत की पीठ में खंरोचे भी आयी. बाद में पंत को होश आया. अब यहाँ भी विरोधाभास लग रहा है. पंत अगर बेहोश थे तो शीशा तोड़कर बाहर कैसे निकले।
इस बीच DDCA के एक अधिकारी ने बताया कि सड़क पर गड्ढे की वजह से पंत के साथ यह हादसा हुआ, गड्ढे से बचने के चक्कर में इतनी बड़ी दुर्घटना हुई , अब आज उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने भी कहा है कि सड़क पर गड्ढे की वजह से ये दुर्घटना हुई है. बताया जा रहा है कि हादसे के बाद सड़क के गड्ढों को रातों रात भरा गया है. हो सकता है कि गड्ढे की वजह से ही हादसा हुआ हो लेकिन गड्ढा किसी गाड़ी की स्पीड नहीं बढ़ाता और जिस रफ़्तार से पंत की मर्सिडीज़ चक्कर खाती हुई डिवाइडर के उस पार गयी है उससे साफ़ ओवर स्पीडिंग का मामला लगता है और इसपर कुछ हैरानी नहीं होनी चाहिए क्योंकि पंत पर ओवर स्पीडिंग के चालान पहले से हैं, उनके सर्कल में लोग जानते हैं कि वो तेज़ रफ़्तार से ही कार चलाते हैं, दो साल पहले शिखर धवन ने भी पंत को गाड़ी धीरे चलाने की सलाह दी थी. बहरहाल पंत जल्दी से स्वस्थ हों यह मेरे साथ पूरे देश की कामना है लेकिन अगर किसी ने कोई गलती की है तो उसके खिलाफ कार्रवाई तो होनी चाहिए फिर वो चाहे क्रिकेट पंत हो या फिर कोई आम आदमी।

