पुलिस नहीं खुलवा सकी राज
डीएनए और नार्को टेस्ट ही विकल्प
कानपुर में संजीत नाम के युवक की किडनैपिंग और मर्डर के मामले में हत्यारोपियों की रिमांड खत्म हो गई है. कोर्ट ने पुलिस को 48 घंटे के लिए रिमांड का समय मुकर्रर किया था. अब पुलिस के पास सिर्फ डीएनए और नार्को टेस्ट का ही विकल्प बचा है.
कानपुर पुलिस की इस मामले में काफी किरकरी हुई थी.दरअसल, किडनैपर के फोन आने पर फिरौती दिलाने के बाद भी संजीत को न बचा पाने का आरोप पुलिस पर लगा था.जानकारों के मुताबिक संजीत हत्याकांड में पुलिस के हाथ एक भी ठोस सबूत हाथ नहीं लगा है.
इसका फायदा कोर्ट में हत्यारोपियों को मिल सकता है.यदि पुलिस को मजबूती के साथ अपना पक्ष कोर्ट में रखना है तो , फरेंसिक टीम को जो ब्लड के सैंपल मिले हैं, उसका डीएनए टेस्ट कराना होगा. इसके साथ ही हत्यारोपियों का नार्को टेस्ट भी अहम सबूत साबित होंगे.
रामजी शुक्ला को रिमांड पर लेगी पुलिस
संजीत हत्याकांड के आरोपी रामजी शुक्ला कोरोना पॉजिटिव पाया गया है. उसे कोविड-19 हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था. ट्रीटमेंट के बाद पुलिस उसे रिमांड में ले सकती है. बताया जा रहा है कि रामजी शुक्ला फिरौती का बैग लेने के लिए गया, इसके साथ ही उसी ने रफाका नाले में संजीत का ड्यूटी बैग, पर्स, बिस्तर फेंके थे.
पुलिस ने छठे आरोपी को किया गिरफ्तार
पुलिस ने हत्यारोपियों की निशानदेही पर इस घटना से जुड़े छठे आरोपी सिम्मी को गिरफ्तार किया है.जिस मकान में संजीत को बंधक बनाकर रखा गया था, वहां सिम्मी को संजीत की निगरानी के लिए रखा गया था.इसके साथ ही सिम्मी हत्यारोपी रामजी शुक्ला के साथ फिरौती की रकम लेने के लिए गया था। सिम्मी संजीत के घर की रेकी करता था, और हत्यारोपियों को बताता था.
30 लाख रुपयों भरा बैग फेंका
संजीत के परिजनों ने मुताबिक, बीते 13 जुलाई को फिरौती के 30 लाख रुपयों से भरा बैग गुजैनी हाइवे से रेलवे लाइन पर फेंका था. उस वक्त नीलू मोबाइल फोन पर संजीत के पिता के साथ लाइन पर था. पुलिस हत्यारापियों को लेकर गुजैनी पुल पर पहुंची, और कैसे बैग को फेंका गया और कहां गिरा इस संबंध में जानकारी जुटाई. इसके साथ ही पुलिस ने बैग को तलाशने का भी प्रयास किया, लेकिन पुलिस को सफलता नहीं मिली.

