कुंभ मेला में लगी पाबंदियों के खिलाफ संत ने उठाई आवाज

उत्तराखंडकुंभ मेला में लगी पाबंदियों के खिलाफ संत ने उठाई आवाज

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कुंभ मेला में लगी पाबंदियों के खिलाफ संत ने उठाई आवाज

कहा, कुंभ मेले में किसी को आने ही नहीं देना था तो करोड़ों रुपये खर्च क्यों किये

हरिद्वार। कुंभ मेला में आने वाले श्रद्धालुओं पर कोविड गाइडलाइन की सख्ती का विरोध अब संत भी करने लगे हैं। मातृसदन के अध्यक्ष शिवानंद सरस्वती ने साफ तौर पर कहा कि अगर कुंभ मेले में किसी को आने ही नहीं देना था तो करोड़ों रुपये खर्च क्यों किये।

हरिद्वार कुंभ मेला क्षेत्र को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिये एक ओर जहां केंद्र सरकार ने सख्त गाइडलाइन जारी की है वहीं जिला प्रशासन ने भी कुंभ मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं पर पाबंदियों का शिकंजा कस दिया है। कुंभ मेला के लिये चलने वाली स्पेशल ट्रेनों को रद करने, गर्भवती महिलाओं, 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग और 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों को मेले में आने से हतोत्साहित करने और हरिद्वार में आने के लिये कोविड नेगेटिव रिपोट की अनिवार्यता ने श्रद्धालुओं को परेशानी मंे डाल दिया है।

मातृसदन के अध्यक्ष शिवानंद सरस्वती ने श्रद्धालुओं को होने वाली परेशानियों को देखते हुए गाइडलाइन के खिलाफ आवाज उठाई है। उनका कहना है कि ऐसे प्रयास करने चाहिये थे कि कुंभ मेला शुरू होने से पहले श्रद्धालुओं तक सभी नियम और पाबंदियों की जानकारी पहुंच जाती। ऐसी व्यवस्था लागू करने की तैयारी छह माह पहले शुरू हो जानी चाहिये थी। अब मेला शुरू होने के बाद पाबंदियां लागू करने से श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि कुुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिये पंजीकरण और कोरोना आरटीपीसीआर की जांच रिपोर्ट लाने की अनिवार्यता तत्काल समाप्त की जानी चाहिये। कोरोना लक्षण दिखाई देने पर मेला क्षेत्र, बाॅर्डर, रेलवे स्टेशन आदि जगहों पर ही टेस्ट कराने और कुंभ मेला क्षेत्रों में आइसोलेशन वार्ड बनाये जाने की व्यवस्था की जानी चाहिये।

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