अरबपति मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड दुनिया की टॉप-50 सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल हो गई है। RIL ने 20 लाख करोड़ रुपये मूल्यांकन वाली पहली सूचीबद्ध भारतीय कंपनी बनकर यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। बाजार पूंजीकरण के मामले में रिलायंस इंडस्ट्रीज दुनिया की शीर्ष 50 कंपनियों में 49वें स्थान पर पहुंच गई है। RIL ने टेलीकॉम, रिटेल और तेल-से-रसायन क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी मजबूत करके पांच साल से भी कम समय में अपने मार्केट कैप में 10 लाख करोड़ रुपये जोड़े हैं। RIL ने शुरुआत में अगस्त 2005 में 1 लाख करोड़ रुपये का मार्केट कैप हासिल किया था, जो नवंबर 2019 में 10 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
अगर दुनिया की नंबर वन कंपनी पर माइक्रोसॉफ्ट अब भी विराजमान है, कंपनी का बाजार पूंजीकरण 3.019 ट्रिलियन डॉलर है। इसके बाद Apple, सऊदी अरामको, गूगल, अमेज़न और मेटा यानी फेसबुक का नंबर आता है।
कंपनी के शेयरों में उछाल से रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और एशिया के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी की निजी संपत्ति में भी काफी बढ़ोतरी देखी गई है। बिलियनेयर इंडेक्स के अनुसार मुकेश अंबानी की कुल संपत्ति अब लगभग 109 बिलियन डॉलर है। वैश्विक दिग्गजों में रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप अब इसे नेटफ्लिक्स इंक और एक्सेंचर पीएलसी-ए जैसी कंपनियों के बीच रखता है। माइक्रोसॉफ्ट कॉर्प 3.086 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ सबसे आगे है उसके बाद एप्पल इंक और सऊदी अरेबियन ऑयल कंपनी क्रमशः 2.89 ट्रिलियन डॉलर और 2.04 ट्रिलियन डॉलर के साथ दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं।
भारतीय सूचीबद्ध कंपनियों में सबसे मूल्यवान RIL के बाद टाटा समूह की प्रमुख टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज है जिसका मार्केट कैप चालू सत्र तक 15.18 लाख करोड़ रुपये है। रिलायंस और टीसीएस के बीच मूल्यांकन अंतर अब बढ़कर 5 लाख करोड़ रुपये हो गया है। देश का सबसे बड़े प्राइवेट बैंक एचडीएफसी बैंक वर्तमान में 10.59 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप के साथ तीसरे स्थान पर है।

