RBI Cancels UP Bank License: RBI ने एक बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है। आरबीआई ने बैंक पर ग्राहकों की असुरक्षा और बैंकिंग नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया है। केंद्रीय बैंक आरबीआई ने यूपी के एक बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है। ग्राहकों के लिए असुरक्षित और बैंकिंग के नियमों की जरूरतों की पूर्ति ना करने के कारण आरबीआई ने यह फैसला लिया।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने यूपी के एक बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया। ग्राहक की सुरक्षा को ध्यान में रखकर केंद्रीय बैंक ने फैसला लिया। आरबीआई ने यूपी के बिजनौर के यूनाइटेड इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है। जो कि यूपी का सहकारी बैंक है।
आरबीआई ने लिया ये फैसला
भारतीय रिजर्व बैंक ने बिजनौर के नगीना में यूनाइटेड इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड का लाइसेंस कैंसिल किया है। बैंक के पास पर्याप्त धन और कमाई की कैपेसिटी न होने की वजह से आरबीआई ने फैसला लिया है। इसके लिए बैंक ने को-ऑपरेटिव कमिश्नर और रजिस्ट्रार को आदेश दिया है। इसी के साथ आरबीआई ने एक लिक्विडेटर इसके लिए नियुक्त किया गया है।
नहीं होगी पब्लिक डीलिंग का काम
आज से यूनाइटेड इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक में कोई काम नहीं होगा। ये बैंक कारोबार के लिए बंद कर दिया गया है। इस बैंक में अब ना पैसे जमा होंगे और ना कैश विड्रॉ होगा। यूनाइटेड इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड बैंकिंग विनियम अधिनियम और 22 (3E) की जरूरतों का पालन नहीं कर पाई। इस कारण केंद्रीय बैंक ने फैसला लिया है।
ग्राहक अब कितने पैसे निकाल सकेंगे
बैंक के ग्राहकों के लिए आरबीआई ने कहा कि ये बैंक जमाकर्ताओं और ग्राहकों के हितों के लिए ठीक नहीं है। बैंक अपने वित्त स्थिति के कारण ग्राहक को पूरे पैसे नहीं दे सकता । ऐसे में बैंक के ग्राहक जमाकर्ता नियमों के तहत डिपॉजिट और क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DIGCS) से 50,000 रुपए तक की पैसा निकाल सकते हैं।

