महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों किनारे पड़े हुए मनसे प्रमुख राज ठाकरे एक बार फिर अपने पुराने विवादित अंदाज़ में वापसी की कोशिश में लगे हुए है. कुछ समय पहले उन्होंने मस्जिदों से लॉउडस्पीकर से होने वाली अज़ानों पर ऐतराज़ जताया था और धमकी दी थी कि अगर लॉउडस्पीकर से अज़ाने बंद न हुई तो अज़ान के समय मस्जिदों के सामने हनुमान चालीसा का पाठ किया जायेगा, वह भी लाउडस्पीकर से. फिलहाल महाराष्ट्र में सत्ता पलट के बाद वह मुद्दा भूली बिसरी यादें बन चूका है लेकिन राज ठाकरे को अब हलाल मीट पर ऐतराज़ हुआ है. राज ठाकरे के मुताबिक हाल मीट से हुई कमाई आतंकी गतिविधियों में लगाईं जाती है.
राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना हलाल मीट के खिलाफ जल्द ही मुहिम शुरू करने वाली है. इस मुहीम के अंतर्गत MNS कार्यकर्ता लोगों को झटका मीट इस्तेमाल करने के लिए जागरुक करेंगे और साथ ही लोगों को हलाल मीट से हुई कमाई के आतंकी गतिविधियों में इस्तेमाल को लेकर लोगों को जागरूक करेंगे. दरअसल एमएनएस मीट कारोबार से हलाल मीट का कारोबार करने वालों का दबदबा कम करना चाहती है. एमएनएस चाहती है कि हिंदुओं के वाल्मीकि और खटीक समाज के लोगों को इस व्यापार में बढ़ावा मिलना चाहिए जो झटका मीट का कारोबार करते हैं.
एमएनएस का कहना है कि हिंदू, सिक्ख और ईसाई जब झटका मीट खाते हैं तो उन्हें हलाल मीट खाने के लिए क्यों मजबूर किया जाए? एमएसएस का कहना है देश में सिर्फ 15 फीसदी मुसलमान हैं तो वे बाकी 85 फीसदी समाज के लोगों को हलाल मांस को खाने के लिए मजबूर कैसे कर सकते हैं? हलाल और झटका मीट के मूड को और आगे ले जाते हुआ मनसे ने कहा कि वध के तरीकों का मुद्दा सिर्फ धार्मिक नहीं है बल्कि देश की सुरक्षा से जुड़ा है. मनसे के मुताबिक हलाल मीट के कारोबार से होने वाली कमाई को आतंकियों के केस लड़ने में इस्तेमाल में लाया जाता है.

