नई दिल्ली: मानव तस्करों पर नकेल कसने के लिए केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने मानव की तस्करी (निवारण, देखभाल और पुनर्वास) विधेयक, 2021 का मसौदा सार्वजनिक किया है साथ ही इस पर मंत्रालय ने 14 जुलाई तक फीडबैक मांगा है. बिल को अंतिम रूप देने के बाद कानूनी अमलीजामा पहनाने के लिए कैबिनेट की मंजूरी और संसद के दोनों सदनों से सहमति की आवश्यकता होगी. इस विधेयक में मानव तस्करी में लिप्त लोगों के लिए 10 साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है.
दस साल तक की सजा
इस बहुप्रतीक्षित नए मसौदा विधेयक में प्रस्ताव है कि “व्यक्तियों की तस्करी” का अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को कम से कम सात साल की कैद की सजा दी जाएगी, जिसे दस साल तक बढ़ाया जा सकता है और कम से कम एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया जा सकता है.
अधिक कठोर दंड की सूची
बिल में “तस्करी के गंभीर रूपों” को लेकर वर्गीकृत अपराधों के लिए अधिक कठोर दंड की सूची भी तैयार की गई है. इस विधेयक में संगठित अपराध सिंडिकेटों, संगठित आपराधिक समूहों पर नकेल कसने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं, जिसमें सीमा पार से जुड़े अपराध भी शामिल हैं.

