लखनऊ। बापू भवन सचिवालय में आत्महत्या के प्रयास की घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सचिवालय के किसी भी भवन में हथियार लेकर प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है। सचिवालय के सभी भवनों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चुस्त दुरूस्त एवं सुदृढ़ बनाये जाने के लिए प्रभावी कार्रवाई शुरू कर दी गयी है।
अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी एवं अपर मुख्य सचिव, सचिवालय प्रशासन हेमन्त राव की संयुक्त अध्यक्षता में लोक भवन स्थित कमाण्ड सेण्टर में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में सचिवालय सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के लिए विभिन्न बिन्दुओं पर विस्तार से विचार विमर्श किया गया। बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक, पीएसी, पुलिस आयुक्त, लखनऊ, सचिव, गृह तरूण गाबा के अलावा गृह, पुलिस व सचिवालय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
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सचिवालय की सुरक्षा-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किये जाने के लिए दो समितियो का गठन किया गया है, जिनके द्वारा इस कार्य के लिये जरूरी सुरक्षा उपकरण, संसाधन, जनशक्ति व उसके प्रशिक्षण आदि विषयों पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत की जायेगी जिसपर अगले सप्ताह आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में विभिन्न बिन्दुओं पर विस्तार से चर्चा कर अंतिम रूप दिया जायेगा।
सचिवालय के किसी भी भवन में आग्नेयास्त्र लाना पूर्णतया प्रतिबन्धित किया जायेगा तथा आवश्यकतानुसार पूरे क्षेत्र को ’नो वेपेन जोन’ घोषित किये जाने पर भी शीघ्र निर्णय लिया जायेगा। सचिवालय की सुरक्षा के लिए नवगठित स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का भी सहयोग लिये जाने पर बैठक में गंभीरता से विचार किया गया।
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सचिवालय में सभी भवनों के प्रवेश द्वारो पर वर्तमान में प्रचलित सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त किया जायेगा। इसके तहत डीएफएमडी, एचएफएमडी, बैग स्कैनर जैसे एक्सेस कंट्रोल उपकरण आदि की व्यवस्था कर इसे और अधिक प्रभावी बनाया जायेगा तथा सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था को और अधिक बेहतर किया जायेगा।

