देहरादून। देवभूमि में भाजपा के लिए फिर से सत्ता की राह यू ही आसान नहीं हुई। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने पूरी भूमिका तैयार की और देवभूमि में भाजपा की सरकार बनाने के लिए संकटमोचक की भूमिका में सामने आए। पीएम मोदी की उत्तराखंड में की चुनावी रैलियों का ही असर है कि यहां पर भाजपा पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने में सफल हो सकी। विधानसभा चुनाव (Assembly Election) प्रचार में पीएम मोदी की सभाओं ने रंग जमाया। इसके बूते माहौल बना और भाजपा ने पहाड़ पर भगवा परचम फहरा दिया। कोरोना संक्रमण दौरान हुए विधानसभा चुनाव में इस बार चुनौती भी कम नहीं थी।
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कोरोना प्रोटोकाल के चलते रैली, सभाओं आदि पर निर्वाचन आयोग (Election commission) की रोक के कारण भाजपा सहित सभी दालों ने वर्चुअल प्रचार (virtual campaign) पर ध्यान दिया। इस वर्चुअल प्रचार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हरिद्वार और नैनीताल में वर्चुअल सभाएं हुई। चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में चुनाव आयोग से मिली प्रचार की छूट का भाजपा ने फायदा उठाया और एक रणनीति के तहत प्रधानमंत्री मोदी को प्रचार के मैदान में उतार दिया। प्रधानमंत्री ने इसके बाद 10 फरवरी को श्रीनगर, 11 फरवरी को अल्मोड़ा और 12 फरवरी को रुद्रपुर में ताबड़तोड़ जनसभाएं की। भाजपा की ये रणनीति कारगर रहीं जिसे राज्य के चुनाव परिणामों (election results 2022) ने भी साबित कर दिया। पौड़ी जिले में श्रीनगर समेत सभी छह सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल की। नैनीताल में छह से पांच पर भाजपा जीती है।

