इस साल सामने आए सैकड़ों डेंगू के मरीज, टूटा बीते कई सालों का रिकॉर्ड
पारुल सिंघल
कोरोनावायरस संक्रमण की तीसरी लहर के अलर्ट को देखते हुए शासन- प्रशासन बीते कई महीनों से इसकी रोकथाम की तैयारी में लगा हुआ था। अस्पतालों में बेड, दवाइयां व अन्य सुविधाओं के साथ धड़ाधड़ ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करवाए गए। सरकार का पूरा जोर सिर्फ कोरोना वायरस की रोकथाम तक सिमट कर रह गया। नतीजा यह हुआ कि दूसरी बीमारियां नजर अंदाज कर दी गई। इसी लापरवाही का खामियाजा अब लोगों को भुगतना पड़ रहा है। कोरोना वायरस की तीसरी लहर का तो पता नहीं, लेकिन फिलहाल डेंगू मच्छर ने कहर बरपाया हुआ है। आलम यह है कि इस साल सैकड़ों की तादाद में डेंगू के मरीज सामने आए हैं ।
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टूटा कई सालों का रिकॉर्ड
कोरोनावायरस के खतरे के बीच डेंगू ने इस साल सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले की बात करें तो यहां डेंगू के मरीजों की संख्या हजारों में पहुंच चुकी है। स्थिति ये है की बीते 5 सालों में भी डेंगू को लेकर हालात इतने भयावह नहीं हुए थे जितने इस एक साल में नज़र आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस साल अभी तक 1250 से ज्यादा मरीज सामने आ चुके हैं। जबकि 2020 में यह आंकड़ा मात्र 35 मरीज पर सिमट गया था। 2019 में 207 लोगों को डेंगू ने जकड़ा था। 2018 में यह आंकड़ा 153 मरीजों का था। जबकि 2017 में 660 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई थी।
नहीं मिल पा रही प्लेटलेट्स
इसे स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही कहें या अन्य बीमारियों को लेकर अनदेखी की तमाम अलर्ट के बाद भी डेंगू जैसी वेक्टर बोर्न डिजीज से बचाव की पूरी तैयारियां नहीं की गई। नतीजा स्थिति बेकाबू हो चुकी है। मरीजों को प्लेटलेट्स ना मिलने की समस्या भी सामने आ रही है कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान फैली अफरा तफरी जैसी स्थितियों का सामना लोग कर रहे हैं।अस्पतालों में वार्ड फुल है जबकि ब्लड बैंक की स्थिति भी सोचनीय है।
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दीवाली पर टिकी नज़र
कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान स्वास्थ्य विभाग व जिला मलेरिया विभाग ने जगह- जगह भरपूर मात्रा में फागिंग और छिड़काव के दावे किए थे। लेकिन डेंगू मच्छर द्वारा मचाए गए कोहराम ने इन दावों की भी पोल खोल दी है। डेंगू की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए विभाग बेबस नजर आ रहे हैं। फिलहाल सभी की नजरें अब दिवाली पर टिकी है। अधिकारियों के मुताबिक धुंए में मच्छर टिक नहीं पाते हैं। अंदाजा लगाया जा रहा है कि दीवाली के धुंए में डेंगू का मच्छर खत्म हो सकता है और इसके बाद ही बीमारी का प्रकोप भी ख़त्म हो सकता है।

