नई दिल्ली। अर्जुन अवॉर्ड के लिए भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी एचएस प्रणॉय का नाम पहले ही भेज दिया गया था. यह जानकारी राष्ट्रीय टीम के हेड कोच पुलेला गोपीचंद ने दी. उन्होंने बताया कि तीन जून को उनका नॉमिनेशन भेज दिया था. गौरतलब है कि इससे पहले दो जून को अर्जुन अवॉर्ड के नॉमिनेशन में नाम न आने पर प्रणॉय ने अवॉर्ड के पैमानों पर सवाल उठाए थे और बैडमिंटन संघ को कटघरे में खड़ा कर दिया था.
इसलिए बीएआई ने लिया फैसला
किदाम्बी श्रीकांत और प्रणॉय इसी साल फरवरी में मनीला में आयोजित एशियाई बैडमिंटन चैम्पियनशिप में बीएआई के मना करने के बाद भी टीम को छोड़कर चले गए थे जिसके कारण भारत के पदक जीतने की उम्मीद अधर में पड़ गई थी और इसी के चलते बीएआई ने दोनों को नोटिस दिया था. भारत को सेमीफाइनल में इंडोनेशिया से हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद बीएआई ने इन दोनों का नाम खेल अवॉर्ड के लिए नामांकित न करने का फैसला किया था. श्रीकांत ने इस पर बिना शर्त माफी मांगी है और इसके बाद उन्हें खेल रत्न के लिए नामांकित किया गया था.
श्रीकांत ने मांगी माफी
बीएआई के महासचिव अजय सिंघानिया ने कहा, हमें श्रीकांत की तरफ से ईमेल मिला है जिसमें उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की है और उन्होंने साथ ही कहा है कि वह आगे ऐसा नहीं करेंगे. श्रीकांत की प्रतिभा को देखते हुए और उन्होंने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, उन्हें देखते हुए हमने उनका नाम राजीव गांधी खेल रत्न के लिए नामांकित किया है. सिंघानिया ने कहा, प्रणॉय के साथ अनुशासन संबंधी कई मुद्दे हैं. महासंघ अभी तक उन्हें लेकर काफी सहिष्णु रहा है, लेकिन हाल ही में उनके रवैये ने बीएआई को उनके खिलाफकदम उठाने को मजबूर कर दिया.
प्रणॉय ने उठाए थे सवाल
गौरतलब है कि बीएआई ने अर्जुन अवॉर्ड के लिए सात्विकसाइराज रैंकी रेड्डी और चिराग शेट्टी, समीर वर्मा के नाम भेजे थे. जिस पर प्रणॉय ने सवाल उठाए थे. प्रणॉय ने कहा था कि जिन खिलाडिय़ों ने कुछ नहीं जीता उन्हें राष्ट्रीय अवॉर्ड के लिए नामांकित किया गया है और जिन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों तथा एशियाई चैम्पियनशिप में पदक जीते, उन्हें नजरअंदाज किया गया है.

