लखनऊ। उत्तरी भारत के दो राज्य बिहार और उप्र में राजनैतिक दल भोजपुरी सितारों के सहारे चुनावी मैदान में अपने प्रतिद्वंदियों को मात देते रहे हैं। चुनाव विधानसभा के हो या फिर आम चुनाव। इतना ही नहीं राजनैतिक दल वोटरों को अपने खेमे में करने के लिए भोजपुरी सिनेमा स्टार को राज्यसभा भी भेजते रहे। लेकिन अब राजनैतिक दलों के इस पैतरे को वोटर समझ गए और यहीं कारण है कि अब चुनाव मैदान में उतरने वाले इन भोजपुरी और बालीवुड सितारों को चेहरे के नाम पर जनता ने वोट करना बंद कर दिया। आजमगढ़ उपचुनाव से इस बार भोजपुरी सुपरस्टार दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ चुनावी मैदान में हैं। आजमगढ़ लोकसभा सीट खाली होने के बाद एक बार फिर से निरहुआ राजनीति में किस्मत आजमा रहे हैं। भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतने के लिए मैदान में उतरे निरहुआ अपनी जीतने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे है। यह पहली बार नहीं है कि कोई भोजपुरी अभिनेता चुनाव के मैदान में उतरा हो। इससे पहले भी कई भोजपुरी सितारे राजनीति में किस्मत आजमा चुके हैं। इनमें सबसे पहला नाम आता है मनोज तिवारी का जो कि भोजपुरी सुपरस्टार तो हैं ही अब राजनीतिक में उनका डंका बज रहा है। मनोज तिवारी भाजपा के सदस्य हैं। हालांकि सियासी करियर की शुरुआत मनोज ने 2009 में सपा से की लेकिन शुरुआत में उन्हें सफलता नहीं मिली। लेकिन जब भाजपा में शामिल हुए तो 2014 के आम चुनाव में दिल्ली की उत्तर पूर्वी लोकसभा सीट से चुनाव लड़े। मोदी लहर के कारण मनोज तिवारी आसानी से जीते और उसके बाद दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष भी बने। इसके बाद साल 2019 के लोकसभा चुनाव में मनोज तिवारी ने अपना जादू दिखाया और कांग्रेस की दिग्गज नेता शीला दीक्षित को करारी मात दी।
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मनोज तिवारी की तरह ही एक और भोजपुरी फिल्मों के स्टार है। जिन्होंने भोजपुरी फिल्मों में अपनी सफलता के झंडे बुलंद किए उसके बाद उनका सियासी करियर भी चमका। इन भोजपुरी सुपर स्टार का नाम है रवि किशन। जो कि आज गोरखपुर सीट से सांसद हैं। हालांकि रविकिशन ने भोजपुरी फिल्मों में सुपरस्टार बनने के बाद 2014 में राजनीति में प्रवेश किया। 2014 में रविकिशन पहली बार जौनपुर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े। उसके बाद कांग्रेस के साथ रवि किशन का जुड़ाव अधिक समय तक नहीं रहा। इसके बाद रविकिशन ने 2017 में कांग्रेस को टाटा कर दिया। इसके बार रवि भाजपा में शामिल हुए। 2019 के लोकसभा चुनाव में रविकिशन को भाजपा ने गोरखपुर से लोकसभा का उम्मीदवार बनाया। जहां से रविकिशन बंपर वोटों से जीत हासिल करने में कामयाब रहे। लेकिन ऐसा नहीं है कि सभी भोजपुरी एक्ट्रेस कामयाब ही हो। कुछ ऐसे भी हो जो राजनीतिक मैदान में नाकाम हुए। इनमें से एक भोजपुरी एक्ट्रेस हैं नगमा। हालांकि नगमा ने भोजपुरी के अलावा बॉलीवुड में अपने नाम का डंका बजाया। भोजपुरी फिल्मों में उनका करियर बहुत अच्छा रहा। राजनीति में नगमा को वो सफलता नहीं मिली जो भोजपुरी फिल्मों में मिली। 2014 के आम चुनाव में नगमा कांग्रेस पार्टी के टिकट पर मेरठ से चुनाव लड़ी लेकिन वहां पर हार मिली। वहीं एक और दूसरे फिल्म स्टार है जिनका नाम है कुणाल सिंह। इनको भोजपुरी फिल्मों का अमिताभ बच्चन कहा जाता है। कई दशक से भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के बाद राजनीति में अपना हाथ आजमाया। कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े लेकिन हार गए।

