Exclusive – भाभी जी लिखना मेरे लिए मेडीटेशन है: मनोज संतोषी

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Exclusive – भाभी जी लिखना मेरे लिए मेडीटेशन है: मनोज संतोषी

Zeba Hasan

अंगूरी भाभी, विभूती नारायण या फिर गोरी मेम टीवी धारावाहिक ‘भाभी जी घर पर हैं’ (Bhabhi ji Ghr Par hain) के यह किरदार आज हर घर का हिस्सा बन चुके हैं। शो के साथ इसके किरदार और डायलॉग्स तो दर्शकों की जुबान पर रहते हैं। फिर वह चाहे अंगूरी भाभी का ‘सही पकड़े हैं’ हो या फिर हप्पू सिंह का ‘नौ नौ ठैय्या बच्चे’। इन दिनों भाभी जी फिर से चर्चा में है क्योंकि एक बार फिर अनीता भाभी यानी गोरी मेम नेहा पेंडसे को रिपलेस कर रही हैं विदीषा श्रीवास्तव। सात साल के इस सफर और शो में पहले अंगूरी भाभी औश्र अब दो बार अनीता भाभी के किरदार को लेकर किए गए बदलावों पर शो के राइटर मनोज संतोषी से हुई यह खास बात।

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चचिर्त किरदार का रिप्लेसमेंट बेकार अनुभव होता है

हर पीढ़ी को गुदगुदाने वाले इस शो के राइटर मनोज संतोषी (Writer Manoj Santoshi) कहते हैं कि सात साल यह शो दर्शकों के बीच है और इसे लिखना मेरे लिए ध्यान और मेडीटेशन जैसा है। जहां तक सवाल ऐक्टर्स को रिप्लेस करने का है तो यह हमारे लिए बहुत ही बेकार अनुभव होता है। एक किरदार जो दर्शकों के बीच पहचान बना लेता है, दर्शक उसे उसके किरदार से पहचानते हैं, अचानक उसका बदल जाना अच्छा नहीं लगता। सबसे खास बात यह है कि दर्शक इस बदलाव को जल्दी स्वीकार नहीं करते। उन्हें भी वक्त लगता है। और हमारे साथ तो यह तीन बार हुआ है। पहले अंगूरी भाभी औश्र अब यह दूसरी बार अनीता भाभी के लिए नेहा पेंडसे की जगह विदीषा इस किरदार को निभाएंगी। यह सब हमारे लिए भी आसान नहीं होता लेकिन हालात कुछ ऐसे बनते हैं कि हमें इस तरह के फैसले लेने पड़ जाते हैं।

कॉमेडी के अलावा कुछ नहीं लिखा

भाभी जी घर पर हैं, मे आई कम इन मैडम, जीजी जी छत पर हैं, हप्पू सिंह की उलटन पलटन सरीखे कॉमेडी शो लिखने वाले मनोज संतोषी (Manoj Santoshi) कहते हैं कि मेरी परवरिश ऐसी हुई, थिएटर से नाता जुड़ा। यूपी का होने के नाते लहजे और मिजाज में शरारत तो थी ही। फिर जब मुम्बई आया तो कॉमेडी के बादशाह अशोक पटेल जिन्होंने कॉमेडी के कई यादगार शो लिखे उन्हें असिस्ट करने का मौका मिल गया। तो कह सकता हूं कि मेरी परवरिश में ही कॉमेडी थी। और अब मैं चाहूं भी तो कोई सीरियस शो मेरे पास आता ही नहीं है।

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10 मिनट के सीन के लिए तीन दिन से लिख रहा हूं

शोज के सभी किरदारों को अपना प्यारा बच्चा मानने वाले मनोज कहते हैं कि वैसे तो मुझे सारे किरदारों के लिए लिखने में मजा आता है लेकिन विभूति को मैं अपने बहुत करीब पाता हूं। अंगूरी भाभी के साथ विभूति का कॉम्बिनेशन अपने आप में बहुत दिलचस्प है। उसे लिखने में भी बहुत मजा आता है। हालांकि इन किरदारों के लिए लिखनाआसान नहीं होता। जल्द ही शो में होली सीक्वेंस आने वाला है। इस सीक्वेंस में हम कवि सम्मेलन दिखा रहे हैं। अब इस कवि सम्मेलन में सभी अपने किरदार के अनुसार ही कविताएं भी सुनाएंगे। यह करीब दस मिनट का सीन होगा और मैं इसे तीन दिन से लिख रहा हूं।

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