Patna HC: बीएड डिग्री धारक प्राथमिक शिक्षकों पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला; 22 हजार शिक्षक होंगे सेवामुक्त

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Patna HC Order: बिहार सरकार ने एक तरफ बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा के जरिए शिक्षकों की नियुक्ति के बाद दूसरे चरण की परीक्षा की तैयारी शुरू की तो वहीं दूसरी ओर बीएड. डिग्री धारक नियोजित प्राथमिक शिक्षकों को सेवामुक्त होने का समय आ गया। पटना हाईकोर्ट में लंबित फैसला अब आ गया है। पटना हाईकोर्ट का रिजर्व जजमेन्ट आज आ गया। बिहार प्राथमिक शिक्षक पद पर पिछले 2 साल से नियुक्त बीएड डिग्री धारक नियोजित शिक्षकों (छठे चरण) को नौकरी से हटाने का फैसला सुनाया गया है। पटना हाईकोर्ट अधिवक्ता अभिनव ने कहा कि हाईकोर्ट ने कहा कि जो लोग डीएलएड होंगे। वही प्राथमिक शिक्षक बन सकते हैं। पहले सरकार ने इन्हें प्राथमिकता देने की बात कही थी। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि जो लोग डीएलएड डिग्री धारक होंगे। वहीं प्राथमिक शिक्षक बन पाएंगे।

22 हजार नियोजित शिक्षक बहाल हुए थे

वहीं प्राथमिक शिक्षक का कहना है कि अभी ऑर्डरशीट आया नहीं है। केवल अफवाह उड़ाई है। 2022 में छठे चरण में 42 हजार नियोजित शिक्षक बहाल हुए थे। इसमें एक से पांच वर्ग तक के लिए 22 हजार नियोजित शिक्षक थे। इनको सरकार द्वारा बहाली के दो वर्ष के भीतर ब्रिज कोर्स करवाना था। इसे बिहार सरकार ने अब तक नहीं करवाया। सरकार को यह कोर्स नियुक्ति के दो वर्ष के अंदर कराना था।

2 दिसंबर को हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था

शिक्षक संघ का कहना है कि विगत 2 दिसंबर को हाईकोर्ट ने बीएड शिक्षकों के मामले में फैसला सुरक्षित रखा था। इसके बाद से बीएड योग्यता धारी शिक्षकों की सांसे अटकी हैं। सभी शिक्षक कोर्ट के आदेश का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच कोर्ट का फैसला आने के पहले सोशल मीडिया पर बीएड योग्यता प्राप्त शिक्षकों को नौकरी से हटा देने की बात सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इसकी जांच होनी चाहिए कि क्या मामला है।

बीएड उम्मीदवार प्राथमिक शिक्षक की नियुक्ति के पात्र नहीं

बताया गया कि रिट याचिकाओं को इस निष्कर्ष के साथ स्वीकार किया है कि ‘एनसीटीई’ द्वारा जारी अधिसूचना (28.06.2018) अब लागू नहीं है। ऐसे में बीएड उम्मीदवारों को प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों के रूप में नियुक्ति के लिए पात्र नहीं माना जा सकता। कहने की जरूरत नहीं कि सरकार द्वारा की नियुक्तियों पर दोबारा काम करना होगा। वर्ष 2010 की ‘एनसीटीई’ की मूल अधिसूचना के अनुसार योग्य उम्मीदवारों को केवल उसी पद पर जारी रखा जा सकता है जिस पर उन्हें नियुक्त किया गया है। राज्य सरकार यह भी निर्णय लेगा कि क्या इस तरह के पुनर्कार्य पर रिक्त होने वाले पदों को प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों के रूप में नियुक्ति के लिए पात्र उम्मीदवारों से राज्य के पास उपलब्ध मेरिट सूची से भरा जाएगा।

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