भारतीय शेयर बाजार वैश्विक बाज़ारों में गिरावट का भार सह नहीं सका और एक बहुत बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ, बाजार में इतनी बड़ी गिरावट एक दिन में बहुत लम्बे अरसे बाद दिखाई दी है, सिर्फ आई टी और कंस्यूमर गुड्स शेयरों के अलावा हर इंडेक्स इस गिरावट में धड़ाम हो गया. सेंसेक्स और निफ़्टी दोनों में ही 2 प्रतिशत से ज़्यादा की गिरावट दर्ज हुई है. सेंसेक्स में जहाँ 1628 अंकों की गिरावट के साथ 71500 पर बंद हुआ है वहीँ निफ़्टी में 461 अंकों गिरावट आयी है और वो 21572 अंकों की गिरावट पर क्लोज हुआ है.
गिरावट में सबसे हाथ HDFC बैंक का रहा जहाँ 8 प्रतिशत ज़्यादा शेयर टूटे, बैंक ने कल अपने तिमाही नतीजे घोषित किये थे जो बाजार को बिलकुल पसंद नहीं आये. इसके अलावा टाटा स्टील में 4 प्रतिशत, कोटक महिंद्रा में 3.73 प्रतिशत, एक्सिस बैंक में 3.32 प्रतिशत और हिंडालको में 3.57 प्रतिशत की गिरावट रही. इसके अलावा अडानी एंटरप्राइजेज, आईसीआईसीआई बैंक और बजाज फिनसर्व बाजार में बड़ी गिरावट के सहयोगी बने. दिग्गज राइअन्स में ज़रूर सिर्फ 1 प्रतिशत की गिरावट रही. वहीँ बढ़ने वाले शेयरों में आईसीआईसीआई लोम्बार्ड, एलएंडटी टेक, औरैकलफिन और केपीआईटी कमिंस के शेयर रहे.
सूचकांकों की बात करें तो निफ्टी 50, बीएसई संवेदी सूचकांक, निफ्टी बैंक, बीएसई स्मॉलकैप, बीएसई मिडकैप, निफ्टी ऑटो, बीएसई कैपिटल गुड्स, बीएसई FMCG, बीएसई हेल्थकेयर बीएसई मेटल में गिरावट रही वहीँ निफ़्टी आईटी और बीएसई कंज्यूमर ड्यूरेबल्स ही सिर्फ हरे निशान में रहे. एशियाई बाज़ार भी आज पूरी तरह लाल रंग में नज़र आये. किसी भी एशियाई देश के स्टॉक मार्केट में तेज़ी का रुख नहीं रहा.
बाजार की इस भारी बिकवाली में निवेशकों के 2.50 लाख करोड़ रुपये डूब गए हैं. 16 जनवरी को बाजार बंद होने पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 3,74,95,260.82 करोड़ पर बंद हुआ था. जबकि आज की गिरावट में यह सिमटकर 3,72,66,634.76 करोड़ पर आ गया. 15 जनवरी को यह 3,76,09,510.01 करोड़ पर बंद हुआ था.

