नई दिल्ली: पाकिस्तान की एक अदालत ने शुक्रवार को मुंबई हमले के मुख्य साजिशकर्ता एवं आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जकीउर रहमान लखवी को 15 साल की सजा सुनाई गई है। उसे यह सजा टेरर फंडिंग केस में सुनाई गई है। संयुक्त राष्ट्र से आतंकवादी घोषित लखवी वर्ष 2015 से ही मुंबई हमले के मामले में जमानत पर था और पंजाब सूबे के आतंकवाद निरोधक विभाग ने उसे आतंकवाद का वित्तपोषण करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद के नेतृत्व में लश्कर-ए-तैयबा ने 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों को अंजाम दिया था जिसमें छह अमेरिकी नागरिकों समेत 166 लोगों की मौत हो गई थी।
अंतरराष्ट्रीय दबाव का असर
देश में खुलेआम घूम रहे आतंकवादियों पर शिकंजा कसने के लिए इस्लामाबाद पर पड़ रहे अंतरराष्ट्रीय दबाव में यह कदम उठाया गया था। लखवी पर एक दवाखाना चलाने, जुटाए गए धन का इस्तेमाल आतंकवाद के वित्त पोषण में करने का आरोप है। लखवी और अन्य ने इस दवाखाने से धन एकत्रित किया और इस धन का इस्तेमाल आतंकवाद के वित्त पोषण में किया। उसने इस धन का इस्तेमाल निजी खर्च में भी किया।
संयुक्त राष्ट्र की सूची में शामिल
प्रतिबंधित संगठन लश्कर- ए- तैयबा से जुड़े होने के अलावा वह संयुक्त राष्ट्र की तरफ से घोषित आतंकवादियों की सूची में भी शामिल है। लश्कर ए तैयबा और अल-कायदा से जुड़े होने और ‘‘आतंकवाद के लिए वित्त पोषण, योजना, सहायता मुहैया कराने या षड्यंत्र रचने की खातिर लखवी को संयुक्त राष्ट्र ने दिसंबर 2008 में वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था। प्रतिबंधित आतंकवादियों और समूहों की संपत्ति जब्त करने, यात्रा पर प्रतिबंध लगाए जाने, जिसमें दूसरे देशों की यात्रा पर प्रतिबंध भी शामिल है, जैसे प्रावधान हैं।

