Gyanvapi: अदालत का फैसला-ज्ञानवापी परिसर का होगा ASI सर्वे, 4 अगस्त तक देनी है रिपोर्ट

उत्तर प्रदेशGyanvapi: अदालत का फैसला-ज्ञानवापी परिसर का होगा ASI सर्वे, 4 अगस्त तक...

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Gyanvapi Matter: वाराणसी- ज्ञानवापी परिसर के एएसआई सर्वे पर वाराणसी जिला कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। वुजुखाने को छोड़कर ज्ञानवापी परिसर का एएसआई सर्वे कराने की मांग को अदालत ने स्वीकार कर लिया। हिंदू पक्ष की तरफ से की मांग को Court ने आज मान लिया। ASI Survey की रिपोर्ट अब 4 अगस्त तक पूरी करनी होगी। जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद आज शुक्रवार को दोपहर बाद फैसला सुनाया। हिंदू पक्ष की तरफ से विवादित हिस्से को छोड़कर पूरे परिसर की वैज्ञानिक सर्वे की मांग की गई है। इस पर तीन दिनों की सुनवाई के बाद 14 जुलाई को फैसला सुरक्षित रखा था। हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि अदालत ने विवादित हिस्से को छोड़कर पूरे परिसर का वैज्ञानिक सर्वे कराने का आदेश दिया है।

श्रृंगार गौरी-ज्ञानवापी मामले में हिंदू महिला वादी के वकील विष्णु शंकर जैन ने 16 मई को जिला जज की अदालत में आवेदन दायर किया था। इसके बाद ज्ञानवापी मस्जिद का प्रबंधन करने वाली अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी (एआईएमसी) ने मामले में आपत्ति दर्ज कराई थी। श्रृंगार गौरी-ज्ञानवापी मामले में यूपी सरकार के विशेष वकील राजेश मिश्रा ने कहा कि अदालत ने ज्ञानवापी के बैरिकेड क्षेत्र में एएसआई सर्वेक्षण की मांग वाले आवेदन में दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और आज शुक्रवार को फैसला दिया है। Court ने आदेश 21 July के लिए सुरक्षित रख लिया था।

ज्ञानवापी मस्जिद मामले में मुस्लिम पक्षकार प्रतिनिधित्व कर रहे वकील रईस अहमद अंसारी ने कहा कि कोई सुनवाई नहीं हो रही है और केवल आदेश पारित किया जा रहा है। दूसरे पक्ष द्वारा एएसआई सर्वेक्षण की मांग की गई है। ज्ञानवापी परिसर के गुंबद के नीचे मंदिर शिखर के अवशेष हैं। इसके अलावा, मस्जिद की पश्चिमी दीवार मंदिर के अवशेष हैं। जैन ने दावा किया कि सील क्षेत्र को छोड़, ज्ञानवापी के बैरिकेड क्षेत्र में एएसआई सर्वेक्षण होना चाहिए जिससे कि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। वादी संख्या एक राखी सिंह के वकील अनुपम द्विवेदी ने ASI Survey मांग का समर्थन किया।

एआईएमसी के वकील एखलाक अहमद ने ज्ञानवापी बैरिकेडिंग क्षेत्र में सर्वेक्षण की मांग के खिलाफ दलील दी। जिसमें कहा गया कि नया सर्वेक्षण नहीं किया जा सकता। ज्ञानवापी परिसर का सर्वेक्षण मई 2022 में सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की कोर्ट के आदेश पर अधिवक्ता आयुक्त द्वारा पहले किया जा चुका था। मामले का निपटारा नहीं हुआ। नए सर्वेक्षण की जरूरत नहीं है। केंद्र के Government counsel अमित कुमार श्रीवास्तव Court में मौजूद थे।

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