हरिद्वार। इन दिनों ज्ञानवापी मस्जिद का मामला देश और दुनिया के मीडिया की सुर्खियां बना हुआ है। एक तरफ जहां इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद सर्वे शुरू हुआ और शिवलिंग निकलने की बात सामने आ रही है। वहीं दूसरी ओर ज्ञानवापी मसले पर अब विहिप भी मुखर होने लगी है। ज्ञानवापी मस्जिद मामले में अब विश्व हिंदू परिषद यानी विहिप आगामी 11 और 12 जून को धर्मनगरी में दो दिवसीय केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक करेगी। इस बैठक में ज्ञानवापी मामले से जुड़े प्रमुख संत और विहिप मार्गदर्शक मंडल के पदाधिकारी भाग लेंगे।
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इससे पहले विहिप की केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक 2019 में हुई थी। विहिप की केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की इस बैठक में तीन सौ से अधिक संतों के भाग लेने की उम्मीद है। बता दें कि विहिप की ये बैठक प्रत्येक दो साल के बाद होती है। लेकिन पिछले साल कोरोना संक्रमण के चलते बैठक को स्थगित कर दिया गया था।
बैठक में राममंदिर तीर्थ न्यास के पदाधिकारी परमानंद महाराज, स्वामी चिन्मयानंद समेत मुख्य अखाड़ों के प्रतिनिधि और मार्गदर्शक मंडल के सदस्य भी भाग लेंगे। इसी के साथ ही देश के सनातन हिंदू धर्म के पंथों का बैठक में प्रतिनिधित्व होगा। वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में शिवलिंग मिलने के मामले में अब साधु-संत अगले महीने होने वाली विहिप की केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल बैठक में विचार-विमर्श करेंगे। हालांकि मामला अभी कोर्ट में चल रहा है।
केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की ये बैठक आगामी 11 और 12 जून को हरिद्वार के निष्काम सेवा ट्रस्ट में बुलाई गई है। बता दें कि विहिप संतों के आदेश पर कार्य करने वाली संस्था है। मंडल की बैठक में संत ज्ञानवापी मामले में किसी भी प्रकार की कार्रवाई और आगे की रणनीति पर वार्ता करेंगे। इसके अलावा उस पर निर्णय भी लिया जाएगा।

