ITR Filing: गलत ITR फाइलिंग पर होगी सात साल की जेल, देना होगा इतने रुपए जुर्माना

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ITR Filing: कई बार लोग आयकर बचाने के चक्कर में जानबूझकर गलत जानकारी देते हैं। ऐसे लोग आईटीआर में खुद की आमदनी कम करके बताते हैं। लेकिन ऐसे लोग कानून की नजर में अपराधी होते हैं। इन लोगों को जुर्माना के साथ जेल तक भी जाना पड़ सकता है।
इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए अब मात्र 8 दिन शेष हैं। अगर 31 जुलाई के बाद आईटीआर फाइल किया तो 5 हजार रुपए तक जुर्माना देना पड़ेगा। इसके अलावा आईटीआर भरते समय गलत जानकारी दी तो जुर्माने के रूप में मोटी रकम वसूल की जाएगी। कई बार आमदनी की गलत जानकारी देने पर जेल हो सकती है। इसलिए आईटीआर फाइल करते समय बिना किसी चतुराई के अपनी आमदनी सही-सही भरें।

दरअसल, कई बार लोग टैक्स बचाने के चक्कर में जानबूझकर गलत जानकारी देते हैं। आईटीआर में इनकम कम करके बताते हैं। लेकिन ऐसे लोग कानून की नजर में अपराधी होते हैं। फिर, कानून के हिसाब से ऐसे लोगों के खिलाफ आयकर विभाग कार्रवाई करता है। आयकर विभाग जुर्माना के रूप में भारी भरकम राशि वसूलता है। या फिर जेल हो सकती है। इसलिए Income tax department समय पर ITR में सही जानकारी भरने के लिए लोगों को आगाह करता है।

200 प्रतिशत तक जुर्माना, सात साल तक की जेल

आयकर रिटर्न फाइल करते समय गलत जानकारी देने से हमेशा बचना चाहिए। कम आय बताने पर इसमें 50 प्रतिशत या इनकम से जुड़ी गलत जानकारी देने पर 200 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है। यदि कम आय की जानकारी दी है तो 50 प्रतिशत का जुर्माना लगेगा। यदि आमदनी की गलत जानकारी दी तो 200 प्रतिशत तक जुर्माना देना पड़ सकता है। खास बात यह है कि कुल टैक्सबेल रकम पर जुर्माना लगाया जाता है। इनकम टैक्स विभाग रिमाइंडर के बावजूद कोई व्यक्ति जानबूझकर रिटर्न दाखिल नहीं करता तो ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इस तरह के केस में दोषी पाए जाने पर 3 महीने से लेकर 2 साल तक सजा का प्रावधान है। यदि इनकम टैक्स विभाग का 25 लाख रुपए से अधिक का बकाया है, तो सजा की अवधि बढ़ सकती है। तब 7 साल तक जेल में रहना पड़ सकता है।

इनकम टैक्स विभाग से नोटिस

वहीं, कई लोग आईटीआर फाइल करते समय सेविंग्स बैंक अकाउंट में जमा राशि से आई ब्याज की जानकारी नहीं देते हैं। लेकिन, लोगों को पता होना चाहिए ब्याज की सही जानकारी नहीं देना कानून की नजर में अपराध है। इनकम टैक्स से नोटिस आ सकता है। वहीं, कई ऐसे लोग है, जो अपने नाबालिग बच्चे के नाम संपत्ति खरीदते हैं और बैंकों में पैसा जमा करते हैं। ऐसे अभिभावकों को रिटर्न फाइल करते समय ऐसे बच्चों की प्रॉपर्टी और बैंक बैलेंस की जानकारी देनी होती है। खास बात यह है कि नाबालिग की इनकम के जोड़ने पर 1,500 रुपए की कटौती होती है। इसलिए आईटीआर फाइल करते समय ईमानदारी से सही जानकारी भरें।

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