GST Six years: आज जीएसटी को छह साल पूरे हो जाएंगे। एक जुलाई 2017 को जीएसटी पूरे देश में लागू की गई थी। आज से 6 साल पहले देश में माल एवं सेवा कर GST लागू हुआ था। आज जीएसटी को पूरे 6 साल हो जाएंगे। देश में एक समय ऐसा था जब 1 करोड़ रुपए जीएसटी जुटाना बड़ी बात थी। अब हर महीने 1.5 लाख करोड़ 3पए से अधिक जीएसटी कलेक्शन हो रहा है। भारत सरकार के टैक्स रेवेन्यू में जीएसटी का बड़ा योगदान है।
देश में कर चोरी और टैक्स पर नियंत्रण करने के लिए जीएसटी लागू हुई थी। जीएसटी को देश में 1 जुलाई 2017 को लागू किया था। जीएसटी का नाम माल एवं सेवा कर है। इसे अप्रत्यक्ष कर में सुधार के रूप में लाया गया है। शुरुआती दौर में देश में केवल 85,000-95,000 करोड़ रुपए का जीएसटी कलेक्शन होता था।
अप्रैल, 2023 में जीएसटी कलेक्शन 1.87 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया। जो कि अब तक का सबसे उच्च स्तर है। देश में इतनी बड़ी संख्या में जीएसटी कलेक्शन में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसी के साथ देश के राजस्व में कामयाबी हाथ आई है।
जीएसटी फर्जी के मामले
अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड ने एक महीने में 11,140 जीएसटी के फर्जी के मामले पकड़े। इन मामलों से 15,000 करोड़ रुपए टैक्स चोरी का अनुमान लगाया है। जीएसटी परिषद ने 2016 से अब तक 3,00,000 करोड़ रुपए के टैक्स चोरी मामले पकड़े हैं। परिषद का अनुमान है जुलाई 2017 में 3 लाख करोड़ रुपए टैक्स चोरी हुई है।
इन जगहों पर मिली कामयाबी
टैक्स चोरी नियंत्रण करने के लिए जीएसटी कारगर साबित हुआ। टैक्स धोखाधड़ी रोकने के लिए कर अधिकारी नए तरीके को आजमा रहे हैं। इनपुट टैक्स क्रेडिट ITC का दावा करने के बाद फर्जी कंपनियां बनाने वालों के लिए जीएसटी अधिकारियों ने डेटा विश्लेषणए एआई, मशीन लर्निंग उपयोग करना शुरू किया है।
जीएसटी के सामने चुनौती
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव के मुताबिक जीएसटी सिस्टम जरूरी है। इसके माध्यम से आईटीसी फर्जी दावों को रोका जा सकेगा। टैक्स चोरी से सरकार को काफी नुकसान का सामना करना पड़ता था। इसी के साथ ईमानदार कारोबारियों को भी परेशानी होती थी। सरकार को इस तरफ ध्यान देने की जरूरत है। केवल डेटा विश्लेषण से चोरी नहीं रोकी जा सकती।
इन पर काम करने की जरूरत
जीएसटी दरों को पूरे देश में एक समान बनाने के लिए पेट्रोल, डीजल एवं विमान ईंधन पर GST लगाने की जरूरत है। इसके साथ ऑनलाइन गेमिंग, क्रिप्टो लेनदेन, EV Charging ढांचे पर GST Rates पर फैसले लेने की जरूरत है।

