नई दिल्ली: कृषि से जुड़े कानून के खिलाफ पिछले साल शुरू हुए किसान आंदोलन को आज 7 महीने पूरे हो गए. इसी मौके पर किसानों ने देशभर में आज फिर बड़ा प्रदर्शन बुलाया है. देशभर में किसान राज्यों के राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंप रहे हैं. इस दौरान कई जगहों से झड़प की खबरें भी आ रही हैं. इस बीच किसान नेता राकेश टिकैत की गिरफ्तारी की अफवाह भी उड़ी.
राकेश टिकैत की गिरफ्तारी की खबरें सोशल मीडिया पर चलने लगी थी. कई लोग उनकी गिरफ्तारी का दावा कर रहे थे. हालांकि, खुद राकेश टिकैत और दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तारी को महज अफवाह बताया है. राकेश टिकैत ने ट्वीट कर भी अपनी गिरफ्तारी की खबरों को भ्रामक बताया है. पुलिस युधवीर सिंह नाम के शख्स को लेकर गई है और नाम को लेकर कुछ कन्फ्यूजन हो गया.
वहीँ हरियाणा के पंचकूला में किसानों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हो गई. चंडीगढ़ में हरियाणा के राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने के लिए हजारों किसान पंचकूला से निकले थे. रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेड्स लगा रखे थे. गुस्साए किसानों ने बैरिकेड्स उखाड़ फेंके और आगे बढ़ गए. सिर्फ बैरिकेडिंग ही नहीं, किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने सीमेंट की बीम भी लगाई थी.
लखनऊ में भी किसान संगठन जब राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने निकले तो पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर बापू भवन से पहले ही उन्हें रोक दिया. हालांकि, बाद में आधा दर्जन से ज्यादा किसान नेता राज्यपाल से मिलकर ज्ञापन सौंपकर आए.
दिल्ली के एलजी अनिल बैजल से मिलने सुबह 6 किसान नेता पहुंचे थे, लेकिन उनकी एलजी से मीटिंग नहीं हुई है. राकेश टिकैत का कहना है कि किसान नेता उनसे मिलने गए थे, लेकिन अभी उनकी मीटिंग नहीं हुई है. उन्हें अलग-थलग बैठा दिया गया है. उनका कहना है कि अधिकारी बात कराते हैं कि नहीं, देखते हैं. टिकैत ने ये भी कहा कि मीटिंग के बाद ही तय करेंगे कि आगे क्या करना है.

