- समीर वानखेडे के घर पहुंचे थे एनसीएससी के उपाध्यक्ष
मुंबई। समीर वानखेडे को मिले समर्थन के बाद मंत्री नवाब मलिक ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष अरुण हलदर से पद की गरिमा बनाए रखने की अपील की है। नवाब मलिक ने रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले द्वारा वानखेडे को समर्थन दिए जाने की भी आलोचना की है।
Read also: महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ पार्टी के नेता किसी भी बड़े मामले में प्रवक्ता बन जाते हैं : निखिल
एनसीपी नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक एनसीबी के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े पर लगातार हमलावर है। नवाब मलिक ने समीर वानखेडे पर आर्यन खान की गिरफ्तारी में लेन-देन करने, शिप पर मौजूद ड्रग माफिया को छोड़ने और उन पर अपनी जाति धर्म छुपाकर सरकारी नौकरी हासिल करने का आरोप लगाया था। इसी बीच रविवार को रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के रामदास आठवले (केंद्रीय मंत्री) ने समीर वानखेड़े के समर्थन में पत्रकार वार्ता कर उनके साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया। रविवार को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष अरुण हलदर भी समीर वानखेड़े के घर पहुंचे और उनके द्वारा प्रस्तुत प्रमाण पत्र की जांच की थी। हलधर ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें लगा है कि समीर वानखेडे अनुसूचित जाति से संबंध रखते हैं।
Read also: पुरानी चमक बटोरने की जुगत में है लखनवी चिकन उद्योग
इसके बाद मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि जाली प्रमाण पत्र तैयार कर पद हासिल करने वाले समीर वानखेडे ने एक गरीब अनुसूचित जाति के व्यक्ति का हक छीना है। उन्होंने अपनी लड़ाई किसी जाति या धर्म से नहीं बल्कि धोखाधड़ी से होने की बात नहीं। उन्होंने अरुण हलदर से उपाध्यक्ष पद की गरिमा को बनाए रखने की अपील भी की। नवाब मलिक ने कहा कि समीर वानखेड़े के पिता ने धर्म परिवर्तन किया है और वानखेड़े जन्म से मुसलमान है। नवाव मलिक ने कहा कि किरीट सोमैया धमकी दे रहे हैं कि वह घोटाले का पर्दाफाश कर देंगे लेकिन मेरे परिवार ने किसी भी तरह का घोटाला नहीं किया है।

