Bihar spurious liquor case: मृतकों के परिजनों को मुआवज़ा देने से नितीश का साफ़ इंकार

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बिहार के छपरा में जहरीली शराबकांड में मृतकों की संख्या बढ़कर जहाँ 53 हो चुकी है वहीँ मृतकों की संख्या के साथ ही राजनीती और बयानबाज़ी भी बढ़ती जा रही. मृतकों के परिजनों की मुआवज़े की बात पर दो टूक इंकार करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री ने साफ़ कहा जो पियेगा वो मरेगा ही और ज़हरीली शराब पीकर मरने वालों को तो मुवाअज़ा देने का सवाल ही नहीं पैदा होता।

गिरिराज ने नितीश को बताया सांसों का सौदागर

बता दें कि छपरा कांड के बाद भाजपा नीतीश कुमार को सदन और सदन के बाहर लगातार घेर रही है और घटना के लिए उन्हें ज़िम्मेदार बता रही है. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार को सांसों का सौदागर बताते हुए कहा कि सत्ता के सौदागर के पास मरने वालों के प्रति सहानुभूति का एक शब्द भी नहीं है. गिरिराज ने आगे कहा कि नीतीश कुमार सत्ता के लिए अंधे-बहरे हो गए हैं और उनके आरजेडी वाले साथी गूंगे हो गए हैं. वहीँ कभी नितीश कुमार के करीबी रहे प्रशांत किशोर ने शराबबंदी को एक विफल योजना बताते हुए इसे 48 घंटे में बंद करने की मांग की है.इसके साथ ही प्रशांत किशोर ने भाजपा को लपेटे में लेते कहा कि भाजपा वालों से भी सवाल पूछना चाहिए क्योंकि शराबबंदी जब लागू की गयी तब यह नितीश कुमार के साथ थे.

अबतक 53 की मौत

बता दें कि छपरा ज़िले में 12 दिसंबर को एक शराब पार्टी में ज़हरीली शराब पीने से अबतक 53 लोगों की मौत हो चुकी है. जानकारी के मुताबिक शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी. लोगों को फ़ौरन ही अस्पताल पहुँचाया गया जहाँ सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई, फिर धीरे धीरे मौत का यह आंकड़ा लगातार बढ़ता गया जो अभी 53 तक पहुँच गया है. पता चला है कि कानूनी कार्रवाई के दर से काफी लोग प्राइवेट अस्पतालों में चोरी छिपे इलाज करा रहे हैं , वहीँ भाजपा इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने में जुटी हुई है.

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