नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय ने आज शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। ईडी ने हवाला के जरिए पैसों के ट्रांसफर से जुड़े फेमा मामले में जोआलुक्कास ज्वेलरी चेन के मालिक की 305 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति कुर्क कर ली। इससे पहले ED ने अल्फाजियो लिमिटेड से संबंधित 16 करोड़ रुपए फिक्स्ड डिपॉजिट जब्त किए थे। प्रवर्तन निदेशालय की ओर से यह कार्रवाई फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के तहत की गई थी।
जब्ती से दो दिन पहले 22 फरवरी को जांच एजेंसी ने त्रिशूर से संचालित समूह के परिसरों में तलाशी ली थी। ED ने अपने बयान में कहा कि जब्त संपत्तियों में 33 संपत्तियां जिनकी लागत 81.54 करोड़ रुपए हैं, शामिल हैं। इसमें शोभा सिटी, त्रिशूर में भूमि और आवासीय भवन के अलावा तीन बैंक खाते जिनमें 91.22 लाख रुपए जमा हैं, 5.58 करोड़ रुपए की तीन सावधि जमा राशि और जॉयलुक्कास इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के 217.81 करोड़ रुपए के शेयर शामिल हैं। फेमा की धारा 37ए के तहत जब्त करी गई संपत्तियों का कुल मूल्य 305.84 करोड़ रुपए है।
बिना कारण बताए वापस लिया था अपना आईपीओ
ग्रुप ने 17 फरवरी को 2,300 करोड़ रुपए का अपना आईपीओ बिना कोई कारण बताए वापस ले लिया था। आईपीओ की रकम का उपयोग लोन भुगतान, आठ नए शोरूम खोलने और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाना था। ईडी ने बताया कि मामला हवाला के जरिए भारत से दुबई में भारी मात्रा में नकदी ट्रांसफर करने और बाद में जॉयलुक्कास ज्वेलरी एलएलसी, दुबई में निवेश करने से जुड़ा है। यह जॉय अलुक्कास वर्गीज की 100 प्रतिशत स्वामित्व वाली कंपनी है।

