महाराष्ट्र की सियासी जंग अब चुनाव आयोग तक पहुँच चुकी है और इसके जल्द ही सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुँचने की उम्मीद है. मामला अब पापा और पार्टी के नाम पर कब्ज़े को बचाने का हो गया हैं. उद्धव कैम्प को जैसे ही यह खबर लगी कि एकनाथ शिंदे का बागी गुट नई पार्टी का गठन कर रहा है और शिव सेना के नाम के साथ बाला साहब ठाकरे के नाम का भी इस्तेमाल करने जा रहा है तो इस मामले को लेकर चुनाव आयोग पहुँच गयी.
शिवसेना ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर बताया है कि एकनाथ शिंदे की ओर से पार्टी के संस्थापक बाला साहेब ठाकरे के नाम का दुरुपयोग किया जा रहा है . दरअसल आज सुबह गुवाहाटी से यह खबर आयी थी कि शिंदे गुट “शिवसेना बाला साहब ठाकरे” के नाम से नयी पार्टी का गठन करने जा रही है, जिसके बाद उद्धव कैम्प ने चुनाव आयोग जाने की पहल की.
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इस खबर के बाद आज शिवसेना भवन में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में फैसला लिया गया है कि बाला साहेब के नाम का दुरुपयोग किसी भी हालत में स्वीकार नहीं, बैठक में तय किया गया कि शिवसेना इस मामले को लेकर चुनाव आयोग का रूख करेगी. कार्यकारिणी की बैठक में उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिंदे में अगर हिम्मत है तो वे अपने पिता के नाम पर वोट मांगकर दिखाएं. बैठक में मराठी अस्मिता-हिंदुत्व पर कायम रहने की बात कही गयी, यह भी फैसला लिया गया कि बागियों पर कार्रवाई का फैसला पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे करेंगे.

