महाराष्ट्र में पिछले कई दिनों से खेले जा रहे सियासी दांव पेंचों में अब पल्ला उद्धव ठाकरे का भारी पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है. कहा जा रहा है कि शिवसेना से बगावत करने वाले एकनाथ शिंदे गुट में भी अब बगावत हो गयी है और 20 बागी विधायक उद्धव के संपर्क में बताये जा रहे हैं, वहीं एकनाथ शिंदे अब यह लड़ाई अदालत ले जाने की तैयारी कर रहे हैं. वहीं शिंदे और फडणवीस की रात के अँधेरे में गुजरात के वडोदरा में हुई मुलाकात का खुलासा होने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने पूरी तरह चुप्पी साध राखी है.
बताया जा रहा है कि एकनाथ शिंदे ग्रुप में बगावत की बातें उस समय सामने आयी जब बागी विधायकों के भाजपा में विलय की बातें सामने आयी क्योंकि इनमें बहुत से विधायक भाजपा में विलय के सख्त खिलाफ हैं, कहा जा रही कि ऐसे विधयकों की संख्या 20 बताई जा रही है. इन विधायकों के अब उद्धव ठाकरे से संपर्क की खबरे आ रही हैं. संख्या की बात करें तो इस बात में दम नज़र आ रहा है क्योंकि केंद्र ने केवल 15 बागी विधायकों के लिए CRPF की सुरक्षा मुहैया कराई है.
वहीँ बागी विधायकों के नेता अब कानूनी लड़ाई की तैयारी कर रहे हैं. जानकारी के अनुसार शिंदे गुट उद्धव ठाकरे को समर्थन करने वाले विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग कर सकता है. इसके अलावा उद्धव ठाकरे की ओर से नियुक्त किए गए विधायक दल के नेता की नियुक्ति को भी चुनौती दी जा सकती है. शिंदे ग्रुप का मानना है कि उद्धव ठाकरे की ओर से विधायक दल के नेता की नियुक्ति अवैध है क्योंकि इसके लिए उन्हें दो तिहाई विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है.
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वहीँ पुणे में शिवसैनिकों ने बगावत करने वाले विधायकों के खिलाफ जूता मार आंदोलन चलाया है. इस अभियान के तहत एकनाथ शिंदे समेत बागी विधायकों के पोस्टर पर जूते मारे गए. वहीँ नांदेड़ में शिवसैनिकों ने विधायक बालाजी कल्याणकर के घर के सामने जमकर विरोध प्रदर्शन किया, बालाजी कल्याणकर एकंतह शिंदे के साथ हैं.

