महाराष्ट्र में सुबह शुरू हुए राजनीतिक बवाल के बाद अब शिवसेना एक्शन में नज़र आ रही है. उसने बग़ावत का झंडा बुलंद करने वाले पार्टी के कद्दावर नेता एकनाथ शिंदे को अब चीफ व्हिप के पद से हटा दिया है और उनकी जगह यह ज़िम्मेदारी अजय चौधरी को सौंप दी है. बता दें कि सुबह ये कहबर आयी कि एकनाथ शिंदे अपने साथ 19 से 24 विधायकों के नॉट रीचेबल हो गए हैं और सूरत के किसी होटल में विराजमान हैं.
उसके बाद से महाराष्ट्र की राजनीति का घटनाक्रम पल पल करवटें ले रहा है, आरोप प्रत्यारोपों कादौर चलने लगा, खबर आयी कि एकनाथ शिंदे ने अपना एक दूत उद्धव के पास अपनी मांगों लेकर भेजा जिसमें कहा गया कि शिवसेना को एनसीपी और कांग्रेस से गठबंधन तोड़कर भाजपा के साथ सरकार बनानी होगी, फडणवीस को मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकारना होगा और एकनाथ शिंदे को उपमुख्यमंत्री बनाना होगा हालाँकि इस खबर की आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हो पायी है लेकिन यह ज़रूर बताया जा रहा है कि सूरत जाने की तैयारी कर रहे तीन और विधायकों को शिव सैनिक उठा ले गए हैं साथ में वो दूत महाराज भी हैं.
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वहीँ भाजपा इस पूरे मामले में अभी अपने को परदे के पीछे रखे हुए है, यह अलग बात है कि देवेंद्र फडणवीस को दिल्ली बुलाया गया और वह वहां मिठाई लेकर पहुँच भी गए हैं, हालाँकि भाजपा की तरफ से कहा जा रहा ही कि फडणवीस विधान परिषद् चुनाव में पार्टी की कामयाबी को सेलिब्रेट करने के लिए पार्टी मुख्यालय मिठाई लेकर पहुंचे थे. उधर शिवसेना लगातार यही कह रही हैं कि इस पूरे खेल के पीछे भाजपा है. वो मध्य प्रदेश और कर्नाटक को महाराष्ट्र में दोहराना चाहती है लेकिन वो ये भूल गयी कि ये महाराष्ट्र है. पार्टी प्रवक्ता संजय राउत का कहना है कि शिंदे समेत सभी विधायकों का उनके साथ समपर्क है, शिंदे उनके छोटे भाई की तरह हैं और शिवसेना के अनुशासित सिपाही हैं. वहीँ एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने दिल्ली में कहा कि महाराष्ट्र की सरकार को कोई खतरा नहीं है.

