वाराणसी: बनारस देव दीपावली बनारस के लिये एक खास दिन है और शहर में इस दिन घाट पर सैलाब उमड़ता दिखाई दिया। कार्तिक पूर्णिमा पर देव दीपावली मनाई जाती है। इस साल काशी में देव दीपावली गंगा नदी के दोनों किनारों पर 15 लाख दीप जलाकर मनाया जा रहा है।
इसलिए मनाई जाती है देव दीपावली
बताया जाता है कि इस दिन शिवजी ने अत्याचारी त्रिपुरासुर राक्षस का वध किया था और देवता काशी में उतरे थे। उस दिन कार्तिक मास की पूर्णिमा थी और देवताओं ने काशी में अनेकों दिए जलाकर दीवाली मनाई थी। यही कारण है कि हर साल कार्तिक मास की पूर्णिमा पर आज भी काशी में दीवाली मनाई जाती है और जो कि देव दीवाली कही जाती है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और दीपदान करने का विशेष महत्व है।
महादेव के माथे पर विराजमान चन्द्रमा
पीएम मोदी ने आज वाराणसी के अपने दौरे पर कहा, ऐसा लग रहा है जैसे आज पूर्णिमा पर देव दीपावली मनाती काशी, महादेव के माथे पर विराजमान चन्द्रमा की तरह चमक रही है. काशी की महिमा ही ऐसी है.
विरासत का मतलब देश की धरोहर
पीएम मोदी ने कहा हमारे लिए विरासत का मतलब है देश की धरोहर. जबकि कुछ लोगों के लिए विरासत का मतलब होता है, अपना परिवार और अपने परिवार का नाम. हमारे लिए विरासत का मतलब है हमारी संस्कृति, हमारी आस्था. उनके लिए विरासत का मतलब है अपनी प्रतिमाएं, अपने परिवार की तस्वीरें.
मूर्तियां हमारी अमूल्य विरासत
पीएम मोदी ने कहा हमारे देवी देवताओं की ये प्राचीन मूर्तियाँ, हमारी आस्था के प्रतीक के साथ ही हमारी अमूल्य विरासत भी हैं. ये बात सही है कि इतना प्रयास अगर पहले किया गया होता, तो ऐसी कितनी ही मूर्तियां, देश को काफी पहले वापस मिल जातीं. लेकिन कुछ लोगों की सोच अलग रही है.
विरासत का मतलब अपना परिवार
पीएम मोदी ने कहा कोरोना ने बहुत कुछ बदल दिया है. खुशी की बात है कि मां अन्नपूर्णा देवी की मूर्ति वापस आ रही है. कुछ लोगों के लिए विरासत का मतलब अपना परिवार, हमारे लिए- देश की धरोहर है

