यूक्रेन में फंसे पश्चिमी उप्र के जिलों के सैकड़ों छात्र,रुसी हमले के बाद वापसी की उम्मीदों को झटका 

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यूक्रेन में फंसे पश्चिमी उप्र के जिलों के सैकड़ों छात्र,रुसी हमले के बाद वापसी की उम्मीदों को झटका 

मेरठ। यूक्रेन पर रुसी हमले (War between Ukraine and Russia) के बाद से वहां के हालात और भयावह हो  गए हैं। मेरठ,गाजियाबाद, बिजनौर,बागपत, मुजफ्फरनगर के अलावा अन्य जिलों के सैकड़ों छात्र वहां पर फंसे हुए हैं। यूक्रेन की राजधानी कीव में हालात और भयानक हो गए हैं। रुसी सेना के हमले के बाद यूक्रेन के सभी एयरपोर्ट को खाली करा लिया गया है। जिसके बाद वहां पर फंसे छात्रों के देश वापसी की उम्मीदों को भी खासा झटका लगा है। यूक्रेन सरकार ने वहां पर इमरजेंसी लगा दी हे। जिसके बाद कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ने में भी दिक्कत आ रही है। 

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यूक्रेन में फंसे छात्रों ने अपने परिजनों से बात कर वहां के हालातों के बारे में जानकारी दी है। जिससे परिजनों में भी भय का माहौल बना हुआ है। मेरठ और बागपत जिले के छात्रों ने यूक्रेन में रुस के हमले के बाद वहां की तस्वीरें परिजनों सें साझा की है। बता दें कि पश्चिमी उप्र ही नहीं बल्कि देश के अधिकांश जिलों से हजारों छात्र यूक्रेन से एमबीबीएस की पढाई कर रहे हैं। जो कि रुस द्वारा यूक्रेन पर किए गए हमले के बाद  वहां फंसे हुए हैं। 

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मेरठ मलियाना निवासी उपन्यासकार विनोद के बेटे प्रियांशु भी वहां पर फंसे हुए हैं। प्रियांशु को आज वहां से वापस भारत के लिए फ्लाइट पकड़नी थी। लेकिन रुसी हमले और यूक्रेन में इमरजेंसी लागू करने के बाद सभी एयरपोर्ट खाली करा लिए गए हैं ।जिसके बाद उनके आने की उम्मीदों को झटका लगा है। प्रियांशु ने अपने परिजनों को बताया कि सभी भारतीय छात्रों को यूनिवर्सिटी कैंपस में ही एक जगह रखा गया है। जहां पर उनको रखा गया है वहां पर रुसी लड़ाकू विमान उड़ान भर रहे हैं। प्रियांशु ने बताया कि हालात काफी भयावह हैं यूक्रेन के। वहीं बागपत के सुभानपुर गांव के रहने वाले संजय त्यगाी के पुत्र अक्षत भी क्रिवोग्राड में हैं। बागपत के ही रमाला निवासी पंकज यूक्रेन के ओडिसा में रहकर ट्रेडिंग का व्यापार कर रहे हैं। हालात खराब होने के बाद वे भी वापस लौटने की सोच रहे थे। लेकिन वहां से फ्लाइट नहीं मिल रही। उन्होंने बताया कि चारों ओर रह—रहकर धमाके हो रहे हैं। इस यूक्रेन में भारत की दीपावली जैसा माहौल बना हुआ है। वहीं अक्षत त्यागी ने बताया कि उन लोगों ने दो से तीन महीने का खाने का सामान एकत्र कर लिया है। माल और बाजार में सामान खरीदने वालों की भीड़ लगी हुई है।

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