India-UK FTA: ब्रिटेन की वाणिज्य व व्यापार मंत्री केमी बैडेनॉख इन दिनों भारत दौरे पर हैं। उन्होंने कहा कि 2030 तक भारत के साथ व्यापार दोगुना करना लक्ष्य है। इसके लिए उन्होंने आज गुरुवार को एक नया ‘अलाइव विद अपॉर्च्युनिटी’ अभियान शुरू किया। बाडेनोक ने अपनी यात्रा की पूर्व संध्या पर कहा था कि मैं जी-20 की अध्यक्षता में सहयोग देने, व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने और प्रमुख कारोबारी नेताओं से मिलने के लिए भारत में आकर खुश हूं। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन और भारत के बीच अच्छे संबंध हैं। हम दोनों अपने सांस्कृतिक एवं व्यापारिक संबंधों को और गहरा करने की महत्वाकांक्षा एक दूसरे से साझा करते हैं।
तीन दिवसीय यात्रा पर भारत आईं ब्रिटिश कैबिनेट मंत्री
जयपुर में जी-20 व्यापार और निवेश मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेने, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता करने के लिए तीन दिवसीय यात्रा पर भारत आईं ब्रिटिश कैबिनेट मंत्री काफी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि पहले से जारी मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) बातचीत अब बारहवें दौर में आगे बढ़ेगी।
इसके अतिरिक्त, नए GBP 1.5 मिलियन “ग्रेट” marketing blitz का उद्देश्य Football और Cricket से लेकर Food और Film तक साझा cultural interests को उजागर करने के लिए मजबूत bilateral trade और व्यापार लिंक से परे जाना है। बैडेनॉख ने यात्रा पर कहा कि मैं जी-20 की अध्यक्षता में सहयोग देने, व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने और प्रमुख कारोबारी नेताओं से मिलने के लिए खुश हूं।
डिजिटल व्यापार की व्यापक तैनाती पर जोर
उन्होंने कहा कि भारत निवेश परियोजनाओं के मामले में ब्रिटेन का दूसरा बड़ा स्रोत है। मुझे विश्वास है कि यह नया अभियान ब्रिटेन की वस्तुओं और सेवाओं में रुचि और मांग को बढ़ाने में मदद करेगा। जी-20 व्यापार बैठक में ब्रिटेन के commerce and trade department (DBT) ने कहा कि मंत्री digital business की व्यापक तैनाती पर जोर देंगी। जिससे red tape में कमी आएगी और ब्रिटेन के सभी आकार के व्यवसायों के लिए International Baccalaureate पर खरीदना और बेचना आसान हो जाएगा।
एफटीए से जुड़े समझौते को आगे बढ़ाने के तरीके पर अपनी सहमति
बैडेनॉख की भारत यात्रा नई दिल्ली आयोजित एफटीए वार्ता के 12वें दौर के साथ मेल खा रही है। भारतीय वाणिज्य मंत्री गोयल के साथ बैडेनॉख की बैठक में उन्होंने एफटीए से जुड़े समझौते को आगे बढ़ाने के तरीके पर अपनी सहमति दी है। इससे जिससे 2022 में पहले से ही 36 बिलियन पाउंड के द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

