- कहा, भाजपा और आरएसएस फैलाते हैं नफरत
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने हाल के दिनों में पार्टी के पीछे रह जाने का कारण विचारधारा के मूल तत्वों प्रेममयी, स्नेह और राष्ट्रवाद को जोरदार तरीके से लोगांे के सामने रखने में असफल रहना बताया। भाजपा और आरएसएस पर नफरत फैलाने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा अपनी विचारधारा को पूरी ताकत से लोगों के सामने रखने में कामयाब रही। भाजपा की विचारधारा कांग्रेस पर भारी पड़ी और वह पिछड़ गयी।
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वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए पार्टी के डिजिटल अभियान ’जन जागरण अभियान’ की शुरुआत करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने कहा की हम माने चाहे न माने लेकिन भाजपा और आरएसएस की नफरत भरी विचारधारा कांग्रेस की प्रेममयी, स्नेही और राष्ट्रवादी विचारधारा पर भारी पड़ी है जिसका खामियाजा पार्टी को पिछड़ कर चुकाना पड़ा है। इस बात को हमें स्वीकार करना ही होगा। राहुल गांधी ने कहा, हमारी विचारधारा जिंदा है मगर भाजपा के विचारधारा के दुष्प्रभाव हम पर भारी पड़ रहे हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि हिंदुइज्म और हिंदुत्व क्याएक ही चीज हो सकते हैं? अगर वे एक ही हैं, तो उनका एक नाम क्यों नहीं है? स्पष्ट रूप से वे दोनों अलग-अलग चीजें हैं। राहुल गांधी ने पूछा, क्या किसी सिख या मुसलमान को पीटना हिंदू धर्म है?
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गौरतलब है कि सलमान खुर्शीद द्वारा लिखित किताब में हिंदुत्व की तुलना आईएसआईएस और बोको हरम जैसे जेहादी संगठनों से की गयी है। इसके बाद सलमान खुर्शीद और कांग्रेस पर भाजपा, आरएसएस और जदयू लगातार हमलावर है। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी इस किताब में हिंदुत्व को लेकर कही गयी बातों का विरोध कर सलमान खुर्शीद से माफी मांगने को कह रहे हैं। अब राहुल गांधी का हालिया बयान सलमान खुर्शीद की कही बातों को समर्थन देता नजर आ रहा है। ऐसे में राहुल गांधी का हिंदू और हिंदुत्व को अलग-अलग बताये जाना भी विवाद को जन्म दे सकता है।

