कुछ समय पहले तक गुजरात में कांग्रेस पार्टी का भविष्य कहे जाने वाले पाटीदार नेता हार्दिक पटेल अब भाजपा के पाले में हैं और विरमगाम सीट से उम्मीदवार बनाये गए हैं जो परंपरागत रूप से कांग्रेस की सीट मानी जाती है, कम से कम पिछले दो चुनावों के नतीजे तो यही बताते हैं. तो ऐसे में हार्दिक पटेल के लिए विरमगाम सीट को एक कड़ी परीक्षा माना जाता रहा है, लेकिन सवाल यह भी उठता है कि कहीं भाजपा ने हार्दिक को फंसा तो नहीं दिया है. हार्दिक के लिए विरमगाम सीट जीतना उनके राजनीतिक कैरियर के लिए बहुत ज़रूरी हो गया है, हार के नतीजे में भाजपा का तो कुछ नहीं बिगड़ेगा मगर हार्दिक के लिए ज़रूर एक हृदयघात ही साबित होगा।
पटेल बाहुल्य क्षेत्र है विरमगाम
बता दें कि हार्दिक पटेल इसी साल जून में कांग्रेस से भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए हैं. विरमगाम सीट की बात करें तो कांग्रेस पिछले दो चुनावों से मजबूत स्थिति में रही है और कामयाब रही है, हालाँकि हार्दिक के उतरने से इस सीट पर मुकाबला अब रोचक बताया जा रहा है. हार्दिक को इस सीट से उतारने की वजह शायद यह है कि यह क्षेत्र पटेल बाहुल्य है. हार्दिक पटेल का रिश्ता भी इसी क्षेत्र से है. यही वजह है भारतीय जनता पार्टी इस इलाके से अपनी जीत का सपना देख कर रही है. अब देखना यह है कि पिछले चुनावों में जो नेता भाजपा की ज़बरदस्त मुखालिफत कर रहा था वह इस बार उसी पार्टी की तारीफ करता नज़र आएगा, इलाके के लोग अब हार्दिक की बातों को कितना गंभीरता से लेते हैं. हार्दिक के लिए एक और इम्तेहान भी है कि पटेल समुदाय का उनको कितना समर्थन है. उनकी हार कहीं न कहीं पटेल समुदाय पर उनकी पकड़ को कमज़ोर करेगी.
क्या हार्दिक भाजपा कराएँगे वापसी, या मिलेगी पाला बदलने की सज़ा
विरमगाम सीट की बात करें तो 2012 में बीजेपी ने कांग्रेस का हाथ झटक कर पार्टी में आए नारणभाई पटेल को अपना उम्मीदवार बनाया था. वहीं कांग्रेस ने तेजश्रीबेन पटेल पर भरोसा जताया था. इस चुनाव में कांग्रेस की तेजश्रीबेन पटेल ने नारणभाई को 10 हजार से अधिक मतों से मात दी थी. वहीं पिछले विधानसभा चुनाव में तेजश्रीबेन पाला बदल भाजपा में चली गयीं और बतौर बीजेपी उम्मीदवार चुनाव लड़ा. लेकिन उन्हें कांग्रेस के लाखाभाई भीखाभाई भरवाड़ के हाथों बड़ी हार का सामना करना पड़ा. हालाँकि बीजेपी ने विरमगाम से 2007 में चुनाव जीता था. अब देखना होगा कि हार्दिक विरमगाम में भाजपा की वापसी कराएँगे या फिर यहाँ के मतदाता उन्हें पाला बदलने की सज़ा देंगे।

