अखिलेश से कई मुलाकात के बाद अटकलें हुई तेज
दलित आंदोलन में समाज के लिए योगेश वर्मा काट चुके है जेल
शाहवेज खान
मेरठ। बसपा के कद्दावर नेता व दलित आंदोलन से बड़े दलित नेता के रूप में पहचान बनाने वाले पूर्व विधायक योगेश वर्मा के सपा में जाने की अटकलें बीते कुछ दिनों से तेज हो गई है योगेश वर्मा हाल ही में सपा प्रमुख अखिलेश यादव से कई मुलाकात कर चुके है जिसके बाद बहुत जल्द वह हाथी के बाद अब साइकिल की सवारी करते दिखाई दे सकते है और हस्तिनापुर सीट से सपा के सिम्बल पर चुनाव भी लड़ सकते है।
गौरतलब है कि योगेश वर्मा बसपा में रहकर हस्तिनापुर सीट से विधायक रह चुके है और मेरठ में बसपा के सिम्बल पर नगर निगम का चुनाव जीत पर मेरठ में बसपा के कद को बढाने का काम कर चुके है वही वह अप्रेल 2018 में हुए दलित आंदोलन में दलितों की आवाज़ उठाने के जुर्म में जेल भी गए थे।
जिसमे मेरठ की एसएसपी मंज़िल सैनी ने उनपर रासुका की कार्यवाही पर महीनों तक जेल में रहने के लिए मजबूर किया था,जेल में होने की वजह से योगेश वर्मा गम्भीर रूप से बीमार हुए थे। दलितों की आवाज़ उठाने के इनाम के बदले बसपा प्रमुख मायावती ने उन्हें व उनकी पत्नी सुनीता वर्मा को अचनाक पार्टी से निष्कासित कर दिया था और सबको चौका दिया था।जिसके बाद से ही बसपा पर्टी में भी खामोशी छाई हुई है तभी से बसपा मेरठ में साइलेंट मोड़ पर है क्यों कि योगेश वर्मा बसपा के हर आंदोलन को अंजाम तक पहुचाने में माहिर रहे है वही आज बसपा की खामोशी यह बताने के लिए काफी है कि मेरठ में योगेश वर्मा बसपा के लिए एक संजीवनी से कम नही थे ।
अब योगेश वर्मा की सपा में जाने की खबर से जहां बसपा की मुश्किलें बढ़ सकती है वही समाजवादी पार्टी को भी एक बड़े दलित चहरे से फायदा पहुच सकता है योगेश वर्मा दलितों के साथ साथ मुस्लिमो में भी मजबूत पकड़ रखते है जिससे मेरठ सहित हस्तिनापुर सीट पर सपा को दलित वोट बैंक का सहारा मिल सकता है उम्मीद जताई जा रही है कि अगर योगेश वर्मा सपा जॉइन करते है तो वह आगामी विधानसभा का चुनाव भी लड़ेंगे जिसमे हस्तिनापुर का नाम सामने आ जाए तो कोई हैरानी नही होनी चाहिए ।
हालांकि अभी समाजवादी पार्टी से हस्तिनापुर सीट से टिकट की दौड़ में कई नाम है जिनके लिए पूर्व केबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर व अतुल प्रधान सहित कई नेता जुगत भिड़ा रहे है। अब आने वाले समय मे राजनीती का ऊंठ किस करवट बैठता है यह तो आने वाला समय बताएगा मगर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से योगेश वर्मा की बढ़ती नजदीकियों के बाद अब हस्तिनापुर की राजनीती में यकीनन गर्माहट देखने को मिलेगी । वही इस सीट पर योगेश अपने पुराने विरोधियों के साथ चुनावी दंगल भी खेलते हुए देखे जा सकते है बहुत जल्द योगेश वर्मा बड़ी तादात में अपने समर्थकों के साथ साइकिल पर सवार हो सकते है फिलहाल वह इसके लिए सही समय और मोके का इन्जार कर रहे है

