फ्रांस को पेनल्टी शूटआउट में हराकर अर्जेंटीना तीसरी बार फुटबॉल वर्ल्ड चैंपियन बना और लियोनेल मेसी का वर्ल्ड चैम्पियन बनने का सपना भी पूरा हुआ. सच में क़तर फीफा विश्व कप का फाइनल एक फाइनल की तरह खेला गया. दो बड़ी टीमों के बड़े खिलाडियों के बीच. खचाखच भरा स्टेडियम। पहला हाफ जहाँ मेसी की अर्जेंटीना के नाम तो वहीँ दूसरा हाफ Mbappe की फ्रांस के खाते में मगर अतिरिक्त समय में बाज़ी मार ले गए मेसी और पिछले 16 सालों से चली आ रही यूरोपियन टीमों के एकाधिकार को भी समाप्त किया। जो पिछले चार विश्व कप में मेसी नहीं कर सके वो अपने अंतिम वर्ल्ड कप में कर दिखाया।
दोनों ही टीमों का एक एक हाफ पर कब्ज़ा
दोनों टीमों ने शुरुआत आक्रमण से की और गोल करने की कोशिश में लगे रहे. अर्जेंटीना को 23वें मिनट में पेनल्टी मिली, जिसका फायदा उठाकर कप्तान लियोनेल मेसी ने गेंद को नेट में डालकर 1-0 की बढ़त बना ली। मैच के 36वें मिनट में अर्जेंटीना की डी एंजेल मारिया ने गोल कर बढ़त डबल कर दी। वहीँ दूसरे हाफ में 80वें मिनट में म्बाप्पे ने पेनल्टी किक पर पहला गोल दागा, जबकि अगले ही मिनट में उन्होंने एक मैदानी गोल दागकर स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया.
Mbappe की फाइनल में हेटट्रिक
दोनों टीमों के बीच निर्धारित 90 मिनट के बाद अतिरिक्त समय का पहला हाफ काफी रोमांचक रहा, लेकिन दोनों टीमें गेंद को नेट में खोजने में नाकाम रहीं और मैच 2-2 की बराबरी पर छूटा। अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ में अर्जेंटीना ने शानदार वापसी करते हुए 109वें मिनट में लियोनेल मेसी के बेहतरीन टच गोल से बढ़त 3-2 हो गयी। लेकिन पिक्चर अभी बाकी थी, अर्जेंटीना के एक डिफेंडर से हैंड बॉल हो गया और फ्रांस को पेनाल्टी किक मिल गयी जिसे गोल में बदलने में Mbappe ने कोई गलती नहीं की. यह उनका मैच में तीसरा गोल था.
पेनाल्टी शूट आउट में अर्जेंटीना के गोलकीपर का कमाल
मुकाबला अब पेनाल्टी शूटआउट में पहुँच गया. दोनों तरफ से पहली किक उनके स्टार्स Mbappe और Messi ली और दोनों ने ही स्कोर किये लेकिन इसके बाद अर्जेंटीना के गोलकीपर ने दो लगातार पेनल्टी रोककर फ्रांस के सपने को तोड़ दिया वहीँ अर्जेंटीना के खिलाडियों ने अपने सभी सारों अटेम्प को कामयाब बनाया और अंत में स्कोर 4-2 पर ख़त्म हुआ. इसी के साथ ही अर्जेंटीना ने तीसरी बार विश्व को का खिताब भी हासिल किया।

