अपने समय की स्प्रिंट क़्वीन, राज्य सभा की सदस्य उड़नपरी पी टी ऊषा के लिए आज बड़ा गौरवशाली क्षण था. भारत की दिग्गज एथलीट ने आज संसद के उच्च सदन राज्यसभा में सभापति तथा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की अनुपस्थिति में सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता की. पी.टी. उषा ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर अपने जीवन की इस उपलब्धि का एक छोटा-सा क्लिप भी पोस्ट कर इसे गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि इससे वह नया ‘मील का पत्थर’ बना सकेंगी. बता दें कि भाजपा ने पी.टी. उषा को जुलाई, 2022 में राज्यसभा में मनोनीत किया था. पी टी ऊषा भारतीय ओलिम्पिक एसोसिएशन की अध्यक्ष भी हैं.
फ्रैंकलिन डी. रूज़वेल्ट को किया कोट
उड़नपरी पी.टी. उषा ने ट्वीट में फ्रैंकलिन डी. रूज़वेल्ट को कोट करते हुए लिखा ‘जब अधिकार ज़्यादा होते हैं तो ज़िम्मेदारी भी बड़ी होती है. पी टी ऊषा ने कहा कि इस बात को उन्होंने तब महसूस किया जब उन्होंने राज्यसभा सत्र की अध्यक्षता की. उन्होंने कहा कि उनमें जो विशवास दिखाया है उसे मैं मील का पत्थर बनाने की कोशिश करूंगी। बता दें कि पी.टी. उषा को दिसंबर में राज्यसभा के उपसभापतियों के उस पैनल का हिस्सा बनाया गया था जो सभापति और उपसभापति की गैर-मौजूदगी में सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता करता है. पी.टी. उषा पहली मनोनीत सदस्य हैं जो इस पैनल में शामिल की गयी हैं.
पी टी ऊषा ने लगाया था बड़ा आरोप
अभी कुछ दिन पहले इन्ही पी टी ऊषा ने अपना दर्द बयान करते हुए कहा था कि कुछ असामाजिक तत्व उनकी स्पोर्ट्स अकादमी पर कब्ज़ा करने की कोशिश कर रहे हैं. बता दें कि पी टी ऊषा केरल के कोझिकोड में ‘उषा स्कूल ऑफ एथलेटिक्स’ चलती हैं जहाँ पर नए टैलेंट को प्रशिक्षण दिया जाता है. पी टी ऊषा ने केरल सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा द्वारा उन्हें सांसद मनोनीत किये जाने के बाद से यहाँ हमले बढे हैं. यहाँ पर ट्रेनिंग ले रही लड़कियों की सुरक्षा को लेकर बहुत बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है.

