नई दिल्ली। देश से 2022-23 में 447 अरब डॉलर के वस्तुओं का निर्यात हो सकता है। 2021-22 में यह आंकड़ा 422 अरब डॉलर रहा था। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस अवधि में सेवाओं का निर्यात 320 अरब डॉलर पर पहुंच सकता है। कुल निर्यात 765 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।
वहीं चालू खाते का घाटा (कैड) कम होने से डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत होगा। चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में यह 79 प्रति डॉलर के स्तर तक मजबूत हो सकता है। रुपया चालू वित्त वर्ष यानी 2023-24 के अंत तक मजबूत होकर 79 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच सकता है।
2022—23 में रुपया था 82 प्रति डालर के औसत पर
2022-23 में यह औसतन 82 प्रति डॉलर के स्तर पर था। उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में रुपये में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है क्योंकि वैश्विक वित्तीय स्थिरता को लेकर जोखिम बने हुए हैं। इसके बाजवूद घरेलू मुद्रा में मजबूती आएगी। बीते वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में चालू खाते का घाटा कम होकर जीडीपी का 2.2 फीसदी या 18.2 अरब डॉलर रहा था।
यूएसबी सिक्योरिटीज को उम्मीद है कि कैड चालू वित्त वर्ष में घटकर जीडीपी का 1.2 फीसदी रह जाएगा। हाल में खत्म हुए वित्त वर्ष में इसके 2 फीसदी रहने का अनुमान है। आरबीआई ने रुपये की गिरावट को थामने के लिए पिछले साल कुल 115 अरब डॉलर बेचे थे।
निजी क्षेत्र की भागीदारी से बढ़ेगा निवेश
उद्योग मंडल एसोचैम ने कहा कि बड़े पैमाने पर सार्वजनिक निवेश से पूंजी खर्च को गति नहीं दी जा सकती है। अर्थव्यवस्था में निवेश बढ़ाने के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी जरूरी है। एसोचैम के नए अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा, आने वाले दो-तीन साल में निजी निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।

