21 अप्रैल को भर्ती संतोष कुमार का 3 मई के बाद से नहीं दिया कोई अपडेट
अस्पताल प्रबंधन कह रहा, खुद ही उठकर कहीं चले गये होंगे संतोष कुमार
मेरठ। जब कोई परिवार किसी अपने को अस्पताल में भर्ती कराता है तो उसके मन में विश्वास होता है कि धरती का भगवान यानि डाॅक्टर्स उनके मरीज को जल्द स्वस्थ करेंगे। उनका भरोसा होता है कि अस्पताल में उसके मरीज को पूरा ख्याल रखा जायेगा। मगर बात करें मेरठ के एलएलआरएम मेडिकल काॅलेज की तो वह तीमारदारों के भरोसे पर खरा नहीं उतर रहा। यहां 27 अप्रैल को भर्ती कराये गये कोरोना संक्रमित संतोष कुमार के बारे में अस्पताल प्रबंधन ने 3 मई के बाद से कोई अपडेट नहीं दिया। प्रबंधन अस्पताल पहुंचे परिवारजनों को अस्पताल घुमा कर मरीज के खुद कहीं चले जाने की बात कह टालने की कोशिश कर रहा है। पिता के लापता हो जाने से परेशान बेटी ने सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी से पिता के बारे में जानकारी दिलवाने की गुहार लगाई है।
कोरोना संक्रमितों के इलाज करने को लेकर मेरठ का एलएलआरएम मेडिकल काॅलेज हमेशा चर्चाओं में रहा है। कभी मरीजों का सही इलाज न करने का आरोप लगा तो कभी कोरोना संक्रमितों के शव बदले जाने के मामले सामने आया। अब मेडिकल के कोरोना वार्ड में भरती एक मरीज 3 मई से लापता है और अस्पताल प्रबंधन उसके बारे में कोई भी जानकारी होने से इंकार कर रहा है।
मेडिकल से लापता कोरोना मरीज संतोष कुमार की बेटी शिफा शिवांगी ने सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ से पिता को ढूंढवाने की गुहार लगायी है। अपलोड वीडियो में शिफा शिवांगी ने कहा कि उनके पिता संतोष कुमार, उम्र 64 वर्ष को कोविड पाॅजिटिव हो जाने के बाद 21 अप्रैल की सुबह 11.36 बजे एलएलआरएम मेडिकल काॅलेज, मेरठ में भर्ती कराया गया था। अस्पताल की ओर से उन्हें 3 मई की सुबह मिले आखिरी अपडेट में बताया गया की संतोष कुमार का आॅक्सीजन लेवल 77 प्रतिशत हो गया है और उन्हें ऑक्सीजन लगायी हुई है। शाम को अपडेट लेने के लिये फोन किया तो कर्मचारियों ने संतोष कुमार का कोई अपडेट नहीं मिलने की बात कह बाद में फोन करने को कह दिया। उसके बाद से कोई अपडेट नहीं दिया गया।
7 मई को संतोष कुमार के बारे में जानकारी लेने के लिये परिवारजन अस्पताल पहुंचे तो प्रबंधन ने संतोष कुमार के बारे में कोई भी जानकारी होने से इंकार कर दिया। बाद में सारे कोविड वार्ड, आईसोलेशन वार्ड सहित पूरा हाॅस्पिटल घुमवा कर एक-एक रूम चेक कराते हुए अपना मरीज देखने की बात कही। संतोष कुमार का कहीं पता नहीं चला। परिवारजनों ने सीसीटीवी फुटेज मांगी तो अस्पताल ने देने से इंकार कर दिया। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि संतोष कुमार की दिमागी हालत ठीक नहीं थी। संभव है कि वह खुद ही बेड से उठकर कहीं चले गये हों।
शिफा शिवांगी ने अस्पताल प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब अस्पतालों में बेडों की इतनी किल्लत है तो हो ऐसे में आईसीयू के एक बेड से मरीज कहीं चला गया हो और बेड खाली हो तो ऐसा कैसे संभव है कि किसी को इस बारे में कुछ पता नहीं चला हो। शिफा शिवांगी ने इस बारे में एडीएम को भी जानकारी दी लेकिन वहां से भी कोई जवाब नहीं मिला है। शिफा ने सीएम योगी आदित्यनाथ से पिता के बारे में जानकारी दिलवाने की गुहार लगायी है। पिता के लापता हो जाने से परेशान शिफा ने कहा कि उनकी माता भी कैंसर मरीज हैं। हम बहुत मुसीबत में हैं कृपया करके हमारी मदद किजिये।
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कोविड वार्ड से कोरोना मरीज के 3 मई से गायब होने और मेडिकल काॅलेज प्रबंधन को इस बारे में कोई जानकारी न होना अस्पताल पर अनेक सवाल खड़े करता है। क्या ऐसा संभव है कि आईसीयू से मरीज कहीं चला जाये और किसी को पता भी न चले। यदि ऐसा हुआ है तो तो 3 मई से लेकर अब तक वह मरीज कितने लोगों को कोरोना संक्रमित कर चुका होगा। तो इस मरीज से कोरोना संक्रमण फैलने का जिम्मेदार कौन होगा। वहीं मेडिकल में सब व्यवस्थाएं दुरस्त होने का दावा करने वाले मेरठ के अधिकारी भी सवालों के घेरे में हैं।

