- डेली कोविड रिपोर्ट में खुलासा, बड़ी धांधली की कोशिश
- बड़ी संख्या में छुपाया जा रहा मरीजों का आंकड़ा
अमित बिश्नोई
मेरठ। कोरोना वायरस का म्युटेंट स्ट्रेन तबाही मचा रहा है। लोग चंद घंटों में ही मौत के मुँह में समा रहे हैं। वायरस दबे पांव शिकार कर रहा है और इसकी आड़ में जिले का स्वास्थ्य विभाग का खेल भी शुरू हो गया है। इसके मुताबिक जिले में कोरोना के 6695 एक्टिव मरीज़ गायब हैं। ये हैरान कर देने वाला खुलासा स्वास्थ्य विभाग की डेली कोविड-19 रिपोर्ट ही कर रही है। आंकड़ों में चल रहे इस खेल के जरिये किसी बड़ी धांधली की कोशिश की जा रही है।
ये है आंकड़ों का समीकरण
स्वास्थ्य विभाग की 5 मई की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 13 हजार 171 हैं। इसमें से 4597 मरीजों को स्वास्थ्य विभाग ने होम आइसोलेट किया हुआ है। वहीं 1879 मरीज़ अलग अलग अस्पताल में एडमिट होने के आंकड़े भी इसी रिपोर्ट में हैं।इन दोनों तरह के मरीजों को मिलाकर 6476 मरीज़ ही एक्टिव होने चाहिए। जबकि रिपोर्ट में 13 हजार 171 एक्टिव मरीज़ हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि आखिर बचे हुए 6695 मरीज़ कहा गए। जबकि अस्पताल और होम आइसोलेशन के अलावा मरीजों को रखने का कोई और विकल्प भी नहीं है।

मौत के आंकड़ों में भी खेल
स्वास्थ्य विभाग की सरकारी रिपोर्ट में मौत के आंकड़ों में भी भारी खेल चल रहा है। 4 मई की बात करें तो सरकारी रिपोर्ट में 5 मरीजों की मौत है जबकि सूरजकुंड शमशान घाट पर ही एक दिन में 51 शवों का अंतिम संस्कार कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत हुआ था। वहीं 20 से 26 अप्रैल की बात करें तो शमशान घाट पर कुल 171 शवों का अंतिम संस्कार हुआ, जबकि जिला स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में कुल 19 मरीजों की मौत कोरोना के चलते दिखाई गई है। मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों में ही इन 7 दिनों में 114 संक्रमितों की मौत हुई थी। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 495 मौतें ही कोरोना के कारण हुई हैं।
आंकड़े छुपा रहा विभाग
मेरठ में निजी अस्पताल के डायरेक्टर और वरिष्ठ फिजिशियन डॉ विश्वजीत बेम्बी कहते हैं कि आंकड़ों के साथ छेड़छाड़ या कम करके आकलन भविष्य में स्वास्थ्य सेवा की प्लानिंग बिगाड़ देगा। भविष्य में जो स्वास्थ्य के लिए बजट व योजनाएं बनेंगी वह कैसे सही रूप लेंगी। आंकड़ों के साथ छेड़छाड़ को इतिहास हमेशा याद रखेगा। सच को न छुपाया जाए। मृत्यु के बढ़ते आंकड़े किसी का दोष उजागर नहीं करते, सत्य से रूबरू कराते हैं।
ये चल रहा खेल
- जो कोरोना आरटी-पीसीआर पॉजिटिव थे उन्हें मृतकों में गिना जाता है।
- जो कोरोना आरटी- पीसीआर नेगेटिव होते हैं, भले ही उनका सीटी- स्कैन या अन्य टेस्ट उन्हें टिपिकल कोविड कहे तब भी उन्हें नॉन कोविड में गिना जाता है।
- जो कोरोना आर-टीपीसीआर पॉजिटिव होने के बाद नेगेटिव हो जाते हैं, उन्हें भी नॉन कोविड में गिनते हैं भले ही उनकी मौत कोविड संबंधित कोम्प्लिकेशन्स से हुई हो।

