लंदन। कोरोना वायरस महामारी के कारण यूरोपीय फुटबॉल क्लबों को अगले साल तक राजस्व में 4 बिलियन यूरो (लगभग 3.37 खरब रुपए) का नुकसान होने की आशंका है. यूरोपीय क्लब एसोसिएशन (ईसीए) द्वारा मंगलवार को जारी एक अध्ययन के अनुसार 55 देशों के क्लबों को इस साल 1.6 बिलियन यूरो (लगभग 1.35 खरब रुपए) और आगामी 2020-21 सत्र में 2.4 बिलियन यूरो (लगभग 2.02 खरब रुपए) का नुकसान उठाना होगा. इस विश्लेषण से संभावित हस्तांतरण से होने वाले लाभ को बाहर रखा गया. ईसीए के मुख्य कार्यकारी चार्ली मार्शल ने कहा कि अध्ययन के परिणाम बताते है कि यूरोपीय क्लबो पर कोविड-19 महामारी का प्रभाव किसी भूकंप के झटके की तरह है.
अस्तित्व का खतरा
ईसीए के चेयरमैन और इटली की शीर्ष क्लब युवेंटस के अध्यक्ष एंड्रिया एगनेली ने इस महामारी को फुटबॉल उद्योग के अस्तित्व का वास्तविक खतरा करार दिया. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फुटबाल का संचालन करने वाली फीफा ने हालांकि स्थिति से निपटने के लिए सदस्य महासंघों को ब्याज मुक्त ऋण देने की घोषणा की है. महामारी ने दुनिया भर में प्रसारण सौदों को प्रभावित किया है. स्टेडियम में बिना प्रशंसकों के मैच आयोजन से इससे होने वाले राजस्व को नुकसान पहुंचा है. मार्शल ने कहा, खेल शुरू होने पर वित्तीय नुकसान का असर कम नहीं हुआ. यह अगले सत्र में भी जारी रहेगा और हमें लंबे समय तक फुटबॉल उद्योग को बचाने के लिए स्थायी उपाय करने होंगे. ईसीए में कुल 246 सदस्य (क्लब) है.

