- किसानों से दिखने पर तुरंत सूचना देने को कहा गया
- दिल्ली से आने वाली सैटेलाइट इमेज से मिल रही पल-पल की अपडेट
किसान कोविड-19 की वजह से पहले से ही परेशान है अब उन पर एक और विपदा बाहें फैलाए खड़ी है. अब टिड्डी गैंग का आतंक उत्तर भारत के किसानों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. उत्तर भारत के राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में खतरनाक टिड्डी दल का आतंक चल रहा है. टिड्डी दल जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है रास्ते में आने वाली हरियाली को चट करता जा रहा है. संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक भारत में टिड्डियों का ये 26 साल का सबसे बड़ा हमला है और टिड्डियों का ये संकट मॉनसून के आने तक चल सकता है. एक्सपर्ट्स बता रहे हैं कि अगर टिड्डियों के आतंक पर काबू नहीं पाया जाता है तो ये हजारों करोड़ रुपए की फसल को चट कर सकते हैं.संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन के मुताबिक एक औसत टिड्डी गैंग 2500 लोगों का पेट भरने लायक अनाज कर चट सकते हैं.
मेरठ प्रशासन ने भी कसी कमर
मेरठ प्रशासन ने टिड्डी गैंग के आक्रमण को ध्यान में रखते हुए उसे रोकने के लिए तैयारियां शुरु कर दी हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में कीटनशासक दवाओं का स्प्रे करने के लिए टीम भेजी गई है. फिपरोनिल और लाडा जैसी कीटनाशक दवाइयों के छिड़काव कराया जा रहा है.पल-पल की अपडेट ली जा रही है. साथ ही किसानों को भी जागरूक किया गया है कि कैसे वह समय से सूचना देकर अपनी फसल को नष्ट होने से बचा सकते हैं. मेरठ के डीएम अनिल धींगरा ने कहा है कि मेरठ और आसपास के इलाकों में टिड्डी दल के आक्रमण को रोकने के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई है. किसान जरा सी आहट मिले तो संबंधित अधिकारी को जरूर सूचित करें.
कैसे नष्ट कर देते हैं फसल
- जिस ओर हवा चलती है उसी तरफ टिड्डी गैंग उड़ान भर देते है.
- एक उड़ान में तकरीबन 200 किलोमीटर तक का सफर तय कर लेते हैं.
- टिड्डी गैंग रात के समय ही सिर्फ फसलों पर बैठता है. उसी समय इन पर हमला किया जा सकता है.
- टिड्डी दल जिस भी जगह पहुंचेगा, वहां मादा जमीन में अंडे छोड़ देती है और वे फिर दोबारा लौटते हैं.
- जब तक टिड्डी लौटते हैं, तब तक दूसरे जो अंडे के रूप में होते हैं, वे बड़े हो चुके होते हैं.
- किसान अपने खेतों में धुआं करें और टिड्डियों को देखते ही शोर मचाए.
20 जिलों में 90,000 हेक्टेयर में फसलों को नुकसान
राजस्थान के 20 जिलों में लगभग 90 हजार हेक्टेयर में फसलों को टिड्डियों ने नुकसान पहुंचाया है. राज्य के एक अधिकारी ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी. राज्य के एक कृषि अधिकारी के अनुसार श्री गंगानगर, नागौर, जयपुर, दौसा, करौली और स्वाई माधोपुर से टिड्डियों के झुंड उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में पहुंच गए हैं. टिड्डियों को मारने के लिए केंद्र की टीम के साथ ही राज्य के कृषि विभाग के अधिकारी लगे हुए हैं.
अभी कहां है टिड्डी गैंग?
राजस्थान में कहर मचाने वाले टिड्डी गैंग की लोकेशन उत्तर प्रदेश के सोनभद्र स्थित घोरावल थाना इलाके के मरसड़ा बेहुमुड़ी और उसके आसपास के कई गांव में टिड्डी गैंग का कहर देखने को मिला है. सोनभद्र में यह टिड्डी दल मध्य प्रदेश की बेलन नदी की घाटी से होते हुए घोरावल थाना क्षेत्र में पहुंचा. किसानों ने बताया कि उनके खेतों पर टिड्डी दल का हमला हुआ है.रात में कीटनाशक दवाओं के छिड़काव कराया जाएगा. कई जगहों पर करा दिया गया है.

