गठबंधन से पहले ही दिखे सपा-रालोद के विचारों में मतभेद

मेरठ रीजनगठबंधन से पहले ही दिखे सपा-रालोद के विचारों में मतभेद

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गठबंधन से पहले ही दिखे सपा-रालोद के विचारों में मतभेद

  • रालोद प्रदेश अध्यक्ष बोले, देश को बांटने वाला जिन्ना हमारा आईकन नहीं

मेरठ। एक ओर जहां सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव जिन्ना को नायक के तौर पर पेश कर रहे हैं वही सपा के सहयोगी दल रालोद ने जिन्ना से साफ किनारा कर लिया है। राष्ट्रीय लोक दल के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष डाॅक्टर मसूद अहमद ने साफ तौर पर कहा कि जिन्ना से हमारा क्या मतलब है। जिस जिन्ना ने देश को बांटा है वह हमारा आइकन नहीं हो सकता। सपा-रालोद के गठबंधन की अधिकारिक घोषण से पहले की दोनों पार्टियों के वैचारिक मतभेद सामने आ गये हैं।

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सात दिसंबर को मेरठ के दबथुआ में होने वाली सपा-रालोद गठबंधन की पहली रैली की तैयारियों को देखने पहुंचे रालोद के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष डाॅक्टर मसूद अहमद ने कहा कि राष्ट्रीय लोकदल ना तो जिन्ना की समर्थक है और ना ही दोस्त। बल्कि रालोद तो जिन्ना की कटु आलोचक है। उन्होंने कहा कि जिन्ना की वजह से देश को बड़ा नुकसान हुआ है। देश को बांटने वाले जिन्ना के प्रति रालोद में कोई सहानाभुति नहीं है। अखिलेश यादव के जिन्ना को लेकर दिए गए बयान पर उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव तो इतिहास की बात बता रहे थे। जो इतिहास में लिखा है क्या उसे बदल दिया जाएगा या उस पर कालिख लगा दी जाएगी।

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डाॅक्टर मसूद ने कहा कि चुनावी बेला में भाजपा नेता लुंगी, टोपी एनएसए लगवा देंगे जैसी भाषा बोल रहे हैं जिनका जवाब 2022 में यूपी की जनता देगी। उन्होंने दावा किया कि रालोद-सपा गठबंधन यूपी में इतनी सीटें जीतेगा की दूसरी पार्टियों के लोग दूरबीन से देखने पर भी नहीं देखेंगे। उन्होंने कहा की महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे का मंदिर बनवा रही भाजपा जब गांधी की नहीं हुई तो दूसरों की क्या होगी।

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