विशेष राज्य का दर्जा पाने के लिये 700 किसानों की तरह देना होगा बलिदान

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विशेष राज्य का दर्जा पाने के लिये 700 किसानों की तरह देना होगा बलिदान

  • फारूक अब्दुल्ला बोले, कृषि कानूनों की तरह केंद्र को वापस लेना होगा फैसला

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के विशेष राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए प्रदेश की जनता को 700 किसानों की तरह बलिदान देना होगा। नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि किसानों की तरह बलिदान दिये जाने के बाद ही केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 और 35 ए लागू कर विशेष राज्य का दर्जा बहाल करेगी।

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विवादित बयानों से चर्चा में रहने वाले पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने नेशनल कांफ्रेंस के संस्थापक शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की 116वीं जयंती के अवसर पर नसीम बाग स्थित उनके मकबरे में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 11 महीनों तक चले किसान आंदोलन में 700 किसानों की मौत हुई है। 700 किसानों के बलिदान के बाद केंद्र को तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। अपने अधिकार वापस पाने के लिए हमें भी 700 किसानों की तरह बलिदान देना पड़ सकता है।

फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि हमने अनुच्छेद 370, 35ए फिर लागू कराने और विशेष राज्य का दर्जा वापस पाने का वायदा किया है जिसे पूरा करने के लिए हम कोई भी बलिदान देने के लिए तैयार हैं। फारूक अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि नेशनल काॅन्फ्रेंस हिंसा का समर्थन नहीं करता। लेकिन जम्मू-कश्मीर की जनता से 700 किसानों की तरह बलिदान देने की बात कहने वाले फारूक हिंसा का समर्थन कैसे नहीं करते यह समझना मुश्किल है।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि केंद्र की सत्ता दोबारा हासिल करने के लिए भाजपा ने नफरत चलाई थी और अब उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनाव में जीत हासिल करने के लिए भी वह नफरत फैला रही है। उस वक्त पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला यह भी कह बैठे कि हिंदुस्तान के इतने टुकड़े होंगे कि इसे रोका नहीं जा सकता। अगर नफरत इसी तरह बढ़ती गई तो भारत को बिखरने से कोई नहीं रोक सकता।

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फारूक अब्दुल्ला के इस विवादित बयान पर भाजपा का उन पर हमलावर होना स्वभाविक है। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर से अन्ुच्छेद 370 और 35ए हटाए जाने को भारतीय जनता पार्टी अपनी उपलब्धि बताती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अनेक बार जम्मू-कश्मीर का जिक्र कर वहां के बदले हालात का श्रेय भाजपा को देते रहें हैं। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कुछ दिनों पहले अपने बयान में कहा था कि जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 हटाने के बाद से वहां शांति और पर्यटन बढ़ गया है।

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