जम्मू। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी जेल हेमंत कुमार (DGP Jail Lohia Murder) की रात में गला रेत कर हत्या कर दी गई। हत्यारे ने डीजीपी का कांच की बोतल से गला रेता। हमलावर ने गला रेतने के बाद उनके पेट और बाजू पर भी वार किए। हत्यारे ने शरीर पर केरोसिन छिड़क कर जलाने की कोशिश की। डीजीपी जेल के हत्या की जिम्मेदारी आतंकी संगठन टीआरएफ ने ली है।
हत्या का शक डीजीपी लोहिया के हेल्पर पर है। जो सीसीटीवी फुटेज में घटना के बाद भागता दिख रहा है। डीजीपी के फरार नौकर की पहचान रामबन के यासिर के रूप में हुई है। दोमाना क्षेत्र के उदयवाला में डीजीपी लोहिया अपने दोस्त संजीव खजूरिया के घर पत्नी के साथ गए थे। डीजीपी के दोस्त संजीव खजूरिया का भाई राजू खजूरिया एसपीओ है। जो फिलहाल संजीव का पीएसओ है। उससे भी पुलिस पूछताछ कर रही है।
बताया जाता है कि खाना खाने के बाद उन्होंने नौकर यासिर से मसाज करने के लिए कहा। इसके बाद दोनों कमरे में चले गए। कुछ देर बाद डीजीपी की चीख सुन दोस्त और उसके परिवार के लोग नीचे आ गए। उन्होंने देखा दरवाजा अंदर से बंद है। इसके बाद वो कमरे का दरवाजा तोड़कर दाखिल हुए तो डीजीपी खून से लथपथ पड़े थे। उनके गला कटा हुआ था और शरीर पर कई जगह धारदार हथियार के निशान थे। पेट पर चोट के निशान मिले। सिर जला हुआ था।
सूत्रों ने बताया कि डीजीपी की गला रेतकर हत्या के बाद कपड़ों पर केरोसीन से आग लगाकर जलाने की कोशिश की गई। कमरे का दरवाजा जब तोड़ा गया तब तक यासिर पीछे के दरवाजे के रास्ते से भाग निकला था। मामले में संजीव खजूरिया के छोटे भाई राजू खजूरिया को रात में ही पुलिस ने हिरासत में लिया। राजू पुलिसकर्मी है जो संजीव खजूरिया के साथ निजी सुरक्षाकर्मी के तौर पर तैनात था।
घटना के बाद आतंकी संगठन टीआरएफ ने बयान जारी कर कहा कि हमारे स्पेशल स्क्वायड ने जम्मू के उदयवाला में खुफिया ऑपरेशन को अंजाम दिया। डीजी पुलिस जेल हेमंत कुमार लोहिया की हत्या कर दी। आतंकी संगठन ने कहा कि हाई प्रोफाइल ऑपरेशन की शुरुआत है। इसी के साथ चेतावनी दी है कि हम कहीं पर भी किसी पर हमला कर सकते हैं।

