तालिबानी सरकार का फरमान : झूठी आलोचना करने पर मिलेगी मौत की सजा

इंटरनेशनलतालिबानी सरकार का फरमान : झूठी आलोचना करने पर मिलेगी मौत की...

Date:

काबुल। अफगानिस्तान में तालिबानी सत्ता आने के बाद से प्रतिदिन कोई न कोई नए फरमान जारी किए जा रहे हैं। इस बार का मामला कुछ नया ही है। दरअसल इस समय तालिबान ने कहा कि बिना किसी प्रामाणिकता के ‘इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान’ विद्वानों और लोकसेवकों की आलोचना करने वालों को मृत्यु दंड तक से दंडित किया जा सकता है। तालिबान प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने अपने नेता मुल्ला हेबतुल्लाह अखुंदजादा द्वारा दिए निर्देशों को प्रकाशित किया है। जबीउल्लाह ने दिशा—निर्देशों को लोगों के लिए एक तरह की शरिया की जिम्मेदारी बताई है।

Read also: ITR Filing Deadline: आईटीआर की अंतिम तिथि 31 जुलाई को अब आगे बढ़ाने की कोई योजना नहीं

तालिबान ने दिए गए दिशा—निर्देश में कहा कि अफगानिस्तान में सरकारी अधिकारियों के खिलाफ  आरोपों और झूठी आलोचना करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। यहां तक उनको मृत्युदंड़ भी दिया जा सकता है। सुन्नी पश्तून समूह पर लंबे समय से मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। अक्सर लड़कियों की शिक्षा और महिलाओं के अधिकारों पर आलोचना का सामना करना पड़ता है। इस तरह की आलोचना से परेशान तालिबान ने फिर से फरमान सुनाया है।
मानवाधिकार संगठनों और मीडिया की रिपोर्टों से पता चलता है कि तालिबान ने सोशल मीडिया पर आलोचना करने वाले लोगों को गिरफ्तार कर कैद किया और उनको प्रताड़ित किया है। रिपोर्ट के अनुसार अखुंदजादा के निर्देशों के तहत, ऐसे कार्यों को नकारात्मक प्रचार के रूप में अब समझा जाएगा। जो अनजाने में दुश्मनों की मदद का कारण बताया जा रहा है।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

प्रधानमंत्री आवास योजना क्या है? पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया

प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर लोगों के मन में...

PoK में बढ़ते तनाव पर संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता, निष्पक्ष जांच और राजनीतिक बातचीत की अपील

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने पाकिस्तान...

प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पात्रता क्या है? कौन आवेदन कर सकता है?

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) का लाभ लेने से पहले...