उन्नाव। Unnao Case News in Hindi – दलित युवती के अपहरण के बाद से बरामदगी तक का प्रकरण जितना विवादित रहा। उससे अधिक विवाद शव के पोस्टमार्टम को लेकर हुआ। कांग्रेस की तरफ से पोस्टमार्टम को लेकर पीड़ित परिवार के साथ मिलकर जमकर हंगामा किया गया। 15 फरवरी को शुरू हुआ धरना प्रदर्शन 16 फरवरी कि देर रात तक चलता रहा। प्रियंका गांधी वाड्रा के आने की खबर ने कांग्रेसियों के प्रदर्शन को हवा दे दिया। जिसको देखते हुए जिला प्रशासन ने पोस्टमार्टम हाउस को छावनी में बदल दिया। कई थानों की पुलिस व क्षेत्राधिकारी को बुला लिया गया। लेकिन दौरा रद्द होते ही कांग्रेसियों में भी आक्रोश कम हो गया। इधर प्रशासन ने भी राहत की सांस ली।
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दलित किशोरी के शव का पोस्टमार्टम पीजीआई के डॉक्टरों के द्वारा किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अंतर आने के बाद मृतक परिजनों के साथ कांग्रेसियों ने भी हंगामा करना शुरू किया। दो पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल उठाया और पूछा इस मामले में कोर्ट को क्या जवाब दिया जाएगा।
जिला जज के पास सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अवनी बंसल पहुंची। लेकिन वहां से भी उन्हें निराशा हाथ लगी। जिला जज ने हाईकोर्ट या फिर जिलाधिकारी के पास जाने का आदेश दिया। इस संबंध में अवनी बंसल ने कहा कि डेड बॉडी लगभग 2 माह पुरानी और काफी खराब हो चुकी है। जिला जज ने उन्हें एक्सपर्ट मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने के विषय में आदेश देने से मना कर दिया। ऐसे में अंतिम संस्कार ही एक विकल्प बचता है।
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कांग्रेस के प्रभारी जिला अध्यक्ष युसूफ फारूकी ने बताया कि हाईकोर्ट से इतनी जल्दी आदेश लाना नामुमकिन था। जिलाधिकारी के पास भी केवल दो बार पोस्टमार्टम कराए जाने के आदेश देने का अधिकार है। देर रात पोस्टमार्टम हाउस पहुंची महाराष्ट्र सरकार के वित्त मंत्री व स्टार प्रचारक वर्षा गायकवाड ने भी मृतक परिजनों को समझाने का प्रयास किया। जिसके बाद वह अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि गुरुवार की सुबह युवती के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। परिजनों का रो रो कर बुरा हाल था।

