नई दिल्ली: केंद्रीय कैबिनेट में विस्तार की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है. बस अगले एक या दो दिनों में बदलाव हो सकता है. कई नेताओं को दिल्ली तलब किया जा चूका है, वहीँ केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत को कर्णाटक का राज्यपाल बनाने से यह साफ़ संकेत मिल रहे हैं कि मंत्रियों को बाहर का रास्ता भी दिखाया जा सकता है.
इस कैबिनेट विस्तार के जरिए जातीय, क्षेत्रीय और दलीय समीकरण को भी देखा जाएगा. उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं, ऐसे में यहां पर बड़ा फोकस रहेगा. वहीं बिहार में पार्टी की सहयोगी जेडीयू को सत्ता में भागीदारी की पूरी सम्भावना है. अगले साल होने वाले 5 विधानसभा चुनाव से लेकर 2024 के लोकसभा चुनावों को इस विस्तार से साधा जा सकता है.
कैबिनेट विस्तार का एक बड़ा कारण ये भी है कि मोदी सरकार में इस वक्त कई मंत्री ऐसे हैं, जिनके पास एक से अधिक मंत्रालय है. पीयूष गोयल, हरदीप पुरी समेत कई मंत्रियों का नाम इसमें शामिल है. ऐसे में अगर 20 से अधिक मंत्रियों को कैबिनेट विस्तार के जरिए मंत्रिमंडल में शामिल किया जाता है.

