गुवाहाटी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरह असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ पुलिस अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री सरमा के मुताबिक, अगर अपराधी पुलिस की हिरासत से भागने की कोशिश करते हैं तो मुठभेड़ में ठोंक देना चाहिए.”
छह महीने में दायर हों आरोप पत्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपके थाने में हत्या, बलात्कार, ड्रग्स, उगाही और अवैध हथियारों के सभी लंबित मामलों में अगले छह महीने में आरोप पत्र दायर हो जाने चाहिए. जैसी भी सहायता की जरूरत हो उसके लिए अपने वरिष्ठ अधिकारियों, रेंज के डीआईजी से संपर्क कीजिए.
कानून देता है इजाज़त
सरमा ने कहा, “अगर कोई आरोपी सर्विस रिवाल्वर छीनता और भागने की कोशिश करता है या फिर सिर्फ भागता है और अगर वह बलात्कारी है तो कानून ऐसे लोगों के पैर में गोली मारने की इजाजत देता है. “
मुठभेड़ का पैटर्न
उन्होंने कहा, “जब कोई मुझसे पूछता है कि क्या राज्य में मुठभेड़ का पैटर्न बन गया है तो मैं कहता हूं कि अगर अपराधी पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास करता है तो (मुठभेड़) पैटर्न होना चाहिए.”
मीडिया के सामने बात से पलटे
हालाँकि बाद में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस के पास शूटआउट का कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में कानून के जरिए अपराध से मुकाबला किया जाना चाहिए. उन्होंने यह (शूटआउट) सिर्फ तभी होता है जब कोई और चारा नहीं बचता है.”

